सासाराम में बायोमैट्रिक हाजिरी के खिलाफ भड़के सदर अस्पताल के डॉक्टर, मांग पत्र सौंपकर दी OPD बंद करने की चेतावनी

Sasaram News: रोहतास के सासाराम सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली के विरोध में सिविल सर्जन को मांग पत्र सौंपकर मैनुअल हाजिरी बहाल करने की मांग की है. डॉक्टरों ने अपनी मांगों के समर्थन में मंगलवार और बुधवार को काला बिल्ला लगाकर काम करने तथा मांगें न माने जाने पर शुक्रवार और शनिवार को ओपीडी (OPD) सेवाएं पूरी तरह ठप करने की चेतावनी दी है. सिविल सर्जन ने मामले को उच्च स्तर पर भेजने का आश्वासन दिया है, जबकि ओपीडी बंद होने की आशंका से मरीजों में चिंता का माहौल है.

Sasaram News (प्रमोद कुमार श्रीवास्तव): रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम स्थित सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने सरकार की बायोमैट्रिक अटेंडेंस (डिजिटल हाजिरी) व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. मंगलवार, 2 जून 2026 को अस्पताल के आक्रोशित चिकित्सकों ने सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचकर सिविल सर्जन को एक सामूहिक मांग पत्र सौंपा. इस मांग पत्र के माध्यम से डॉक्टरों ने वर्तमान डिजिटल बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली को पूरी तरह अव्यवहारिक बताते हुए इसे तत्काल समाप्त करने और इसके स्थान पर पूर्व की भांति पारंपरिक मैनुअल (रजिस्टर) हाजिरी व्यवस्था को दोबारा बहाल करने की पुरजोर मांग की है.

तकनीकी खामियां बनीं सिरदर्द, हाजिरी बनाने में हो रही है भारी परेशानी

सिविल सर्जन कार्यालय में अपनी बात रखते हुए डॉक्टरों ने कहा कि अस्पताल में लगाई गई बायोमैट्रिक अटेंडेंस मशीन के कारण आए दिन कई तरह की गंभीर तकनीकी समस्याएं (Technical Glitches) उत्पन्न हो रही हैं. सर्वर डाउन होने, पंच न लेने और फिंगरप्रिंट मिसमैच होने जैसी दिक्कतों के कारण ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों को समय पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में भारी मानसिक और व्यावहारिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. डॉक्टरों ने दो टूक कहा कि चिकित्सा जैसे आपातकालीन सेवा क्षेत्र में इस तरह की अव्यवहारिक व्यवस्था थोपा जाना कतई उचित नहीं है, इसलिए इसे तत्काल हटाया जाए.

आंदोलन की रूपरेखा तय: दो दिन काला बिल्ला, फिर दो दिनों के लिए ओपीडी (OPD) सेवा बंद

अपनी मांगों के समर्थन में डॉक्टरों के संगठन ने एक सुनियोजित और चरणबद्ध आंदोलन की आधिकारिक घोषणा कर दी है. डॉक्टरों द्वारा जारी रोस्टर के अनुसार आंदोलन निम्नलिखित रूप में चलेगा:

  • मंगलवार और बुधवार (2 व 3 जून): जिले के सभी डॉक्टर अपने तय समय पर अस्पतालों में काम करेंगे, लेकिन विरोध स्वरूप अपने बाजू पर काला बिल्ला लगाकर अपनी नाराजगी जाहिर करेंगे.
  • गुरुवार (4 जून): इस दिन सरकार और प्रशासनिक स्तर पर सकारात्मक वार्ता का इंतजार किया जाएगा.
  • शुक्रवार और शनिवार (5 व 6 जून): यदि बुधवार तक उनकी मांगों पर विभाग द्वारा कोई ठोस व सकारात्मक नीतिगत पहल नहीं की गई, तो शुक्रवार और शनिवार को सदर अस्पताल सहित जिले की ओपीडी (OPD) सेवाएं पूरी तरह बंद रखी जाएंगी.

मरीजों की बढ़ी धड़कनें, सिविल सर्जन ने उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजने का दिया भरोसा

चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि उनका यह आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक रहेगा. इसका एकमात्र उद्देश्य स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन का ध्यान डॉक्टरों की व्यावहारिक समस्याओं की ओर आकर्षित करना है. आपातकालीन (Emergency) और इनडोर सेवाएं इस दौरान प्रभावित नहीं की जाएंगी. दूसरी ओर, डॉक्टरों का मांग पत्र प्राप्त करने के बाद सिविल सर्जन ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे चिकित्सकों की इन तकनीकी समस्याओं और मांगों से संबंधित प्रतिवेदन को राज्य स्वास्थ्य समिति और विभागीय उच्च अधिकारियों को मार्गदर्शन के लिए तुरंत भेज रहे हैं.

इधर, डॉक्टरों द्वारा ओपीडी बंद करने की इस बड़ी चेतावनी के बाद सासाराम सदर अस्पताल में इलाज कराने आने वाले दूर-दराज के मरीजों और उनके परिजनों के बीच हड़कंप मच गया है. आम जनता में इस बात को लेकर गहरी चिंता और चर्चा बनी हुई है कि यदि शुक्रवार को ओपीडी बंद हो गई, तो भीषण गर्मी के इस मौसम में गरीब मरीजों की चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी. इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सदर अस्पताल के कई वरिष्ठ चिकित्सक, महिला डॉक्टर और विभिन्न स्वास्थ्य विभागों के कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे.

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Published by: Aditya Kumar Ravi

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