Sasaram News (रविकांत पांडेय): रोहतास सहित शाहाबाद क्षेत्र के लाखों किसानों के लिए राहत भरी खबर है. खरीफ फसलों की सिंचाई को सुगम बनाने के लिए नहर संचालन की अवधि आगामी 1 जून से 31 अक्टूबर तक के लिए निर्धारित कर दी गई है. तय शिड्यूल के अनुसार, 1 जून से सभी मुख्य व सहायक नहरों में पानी का प्रवहन (सप्लाई) पूरी तरह सुनिश्चित कर दिया जाएगा. नहरों के अंतिम छोर तक बिना किसी बाधा के पानी पहुंचाया जा सके, इसके लिए जल संसाधन विभाग ने अपनी सभी प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली हैं. सिंचाई से पूर्व नहरों की मुकम्मल साफ-सफाई कराई गई है. जिन स्थानों पर नहरों के बांध (बैंक) टूटे या जर्जर परिलक्षित हो रहे थे, उन्हें पूरी तरह दुरुस्त करा लिया गया है. इसके साथ ही पूर्व में संचालित कैनाल के भीतर जमा गाद (सिल्ट) और घास-पतवार को पूरी तरह साफ करा दिया गया है.
सोन-कोहिरा लिंक कैनाल का काम प्रगति पर, भभुआ साइड में 15 जून तक लग सकता है समय
सिंचाई परियोजना से जुड़ा दूसरा बड़ा मुद्दा भभुआ साइड का है, जहां सोन-कोहिरा लिंक कैनाल निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर प्रगति पर है. संबंधित विंग की ओर से मुख्य अभियंता को एक आग्रह पत्र भेजा गया है, जिसमें तकनीकी कार्यों को पूर्ण करने के लिए 15 जून तक का अतिरिक्त मौका देने की मांग की गई है. चूंकि भभुआ साइड में पानी भेजने के लिए संरचनात्मक जुड़ाव हेतु थोड़े समय की आवश्यकता है, इसलिए यदि स्थानीय किसानों की सहमति होती है, तो सोन-कोहिरा लिंक कैनाल में जल का प्रवहन आगामी 15 जून तक अस्थायी रूप से अवरुद्ध (बंद) रखा जा सकेगा. हालांकि, इस दौरान शाहाबाद नेटवर्क की शेष सभी नहरों में पर्याप्त मात्रा में पानी की आपूर्ति 1 जून से ही बहाल कर दी जाएगी.
बराज पर 355 फीट पाउंड लेवल मेंटेन, रिहंद और बाणसागर जलाशय से अतिरिक्त पानी की मांग
जल संसाधन विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, शनिवार की सुबह आठ बजे इंद्रपुरी बराज के अपस्ट्रीम में 11,044 क्यूसेक जलस्राव उपलब्ध रिकॉर्ड किया गया है. वहीं बराज के डाउन स्ट्रीम में वर्तमान में 8,023 क्यूसेक जलस्राव प्रवाहित हो रहा है. जल स्तर को नियंत्रित करने के लिए बराज के कुल 69 गेटों में से दो गेटों को आंशिक रूप से खोला गया है. बराज पर वर्तमान में पाउंड लेवल 355 फीट पूरी तरह मेंटेन रखा गया है. इस पानी में से अभी पश्चिमी संयोजक नहर में 2,012 क्यूसेक और पूर्वी संयोजक नहर में 1,009 क्यूसेक जलस्राव नियमित रूप से छोड़ा जा रहा है. 1 जून से सिंचाई की मुख्य मांग को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के जलाशयों से भी पानी मांगा गया है, जिसके तहत बाणसागर जलाशय से करीब 2,000 क्यूसेक और रिहंद जलाशय से 5,000 क्यूसेक अतिरिक्त जलस्राव की डिमांड भेजी गई है.
कोहिरा नदी की कनेक्टिविटी से राजपुर और बीउर वीयर को मिलेगा भरपूर पानी: मुख्य अभियंता
सिंचाई सृजन जल संसाधन विभाग, डेहरी के मुख्य अभियंता ई. अजय कुमार सिंह ने बताया कि खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए कैनाल नेटवर्क के दुरुस्तीकरण का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कराया जा चुका है और पानी छोड़ने के लिए नहरें पूरी तरह तैयार हैं. बराज पर पर्याप्त जल उपलब्ध है और विभाग हर विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए सक्षम है. भभुआ साइड में सोन-कोहिरा लिंक प्रोजेक्ट को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले इसकी सीधी कनेक्टिविटी कोहिरा नदी से नहीं थी, जिसे अब जोड़ा जा रहा है. इस कार्य को अंतिम रूप देने के लिए संबंधित कार्यपालक अभियंता ने 15 दिनों का अतिरिक्त समय मांगा है. इस लिंक के पूर्ण होते ही राजपुर वीयर के साथ-साथ बीउर वीयर को भी प्रचुर मात्रा में पानी उपलब्ध होगा, जिससे कोहिरा मेन कैनाल और उससे निकलने वाली सभी वितरणी नहरों (माइनर्स) के अंतिम छोर तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी.
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