Sasaram News (रमेश कुमार पाण्डेय): बिक्रमगंज और आरा के सांसद रहे 94 वर्षीय रामप्रसाद कुशवाहा का रविवार की देर रात कोचस स्थित पैतृक आवास पर निधन हो गया. घटना की सूचना मिलते ही इलाके सहित राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई. विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने दिवंगत पूर्व सांसद के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया. इसके बाद परिजनों ने सोमवार की देर शाम नगर पंचायत क्षेत्र के सासाराम रोड स्थित थाना के समीप धर्मावती नदी किनारे उनकी पैतृक भूमि पर उनका अंतिम संस्कार किया. पूर्व सांसद के पुत्र रविंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि वह काफी समय से बीमार चल रहे थे और उन्होंने अपने पैतृक आवास पर रात साढ़े सात बजे अंतिम सांस ली.
मुखिया पद से की थी जनसेवा की शुरुआत, तीन बार रहे सांसद
लोगों ने बताया कि रामप्रसाद कुशवाहा लोहियावादी व समाजवादी नेता थे. वे अपनी सादगी व सरल व्यक्तित्व के कारण लोगों में अतिप्रिय रहे हैं. वे मध्य विद्यालय दिनारा के शिक्षक भी रहे हैं. उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत कुछ इस तरह रही:
वे कोचस में 1967 से दो बार मुखिया रहे और यहीं से जनसेवा की शुरुआत की.
1989 और 1991 में जनता दल से बिक्रमगंज लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद चुने गए.
1999 में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सदस्य के रूप में आरा लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए.
वे बिहार विधान परिषद के भी सदस्य रहे.
सीएम सम्राट चौधरी ने जताया दुख
बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने भी पूर्व सांसद के निधन पर शोक व्यक्त किया है. ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, “पूर्व सांसद एवं विधान परिषद सदस्य रहे राम प्रसाद कुशवाहा जी के निधन का दुःखद समाचार अत्यंत ही पीड़ादायक है. उन्होंने बिक्रमगंज एवं आरा का प्रतिनिधित्व करते हुए शोषितों, दलितों एवं पिछड़ों की आवाज को सदैव मजबूती से उठाया था. उनका सार्वजनिक जीवन समाज सेवा एवं जनसमर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण रहा. ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को शांति प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों एवं समर्थकों को इस दुःख को सहने की शक्ति दें.”
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