BSEB का फैसला: जमीन-भवन मानक अनिवार्य, निजी स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी

Sasaram Education News : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूलों की संबद्धता के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. नई विनियमावली के तहत निजी स्कूलों को भूमि, भवन और आधारभूत संरचना के कड़े मानक पूरे करने होंगे. साथ ही संबद्धता अब पांच वर्षों के लिए ही दी जाएगी.

Sasaram Education News : (मो. आरिफ खान) बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) द्वारा माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्कूलों की संबद्धता से जुड़े नियमों में व्यापक संशोधन किया गया है. बिहार गजट में प्रकाशित संशोधित विनियमावली 2026 लागू होने के बाद जिले के निजी स्कूलों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा.

नगर क्षेत्रों के स्कूलों के लिए स्पष्ट प्रावधान

नई व्यवस्था के तहत सासाराम नगर निगम, डेहरी और बिक्रमगंज नगर परिषद सहित विभिन्न नगर पंचायत क्षेत्रों में संचालित स्कूलों को अब निर्धारित भूमि और आधारभूत संरचना के मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा.

भूमि और खेल मैदान के लिए तय मानक

विनियमावली के अनुसार सामान्य क्षेत्रों में उच्च माध्यमिक स्तर तक की संबद्धता के लिए न्यूनतम 6000 वर्गमीटर भूमि आवश्यक होगी, जिसमें 2000 वर्गमीटर खेल मैदान अनिवार्य है. वहीं नगरीय क्षेत्रों में संचालित स्कूलों के लिए न्यूनतम 4000 वर्गमीटर भूमि और 2000 वर्गमीटर खेल गतिविधियों के लिए निर्धारित किया गया है. यदि परिसर में मैदान उपलब्ध नहीं है, तो 200 मीटर के भीतर साझा व्यवस्था की जा सकती है.

निजी और ट्रस्ट संचालित स्कूलों पर लागू नियम

यह संशोधित नियम मुख्य रूप से निजी, गैर-सरकारी एवं सोसायटी या न्यास द्वारा संचालित स्कूलों पर लागू होंगे. सरकारी विद्यालयों को इससे आंशिक छूट दी गई है, हालांकि भवन सुरक्षा जैसे नियम यथावत रहेंगे.

भवन और सुविधाओं के लिए सख्त मानक

समिति ने स्कूल भवनों के लिए भी न्यूनतम आधारभूत संरचना तय की है. माध्यमिक स्कूलों के लिए 870 वर्गमीटर, उच्च माध्यमिक के लिए 880 वर्गमीटर और संयुक्त स्कूलों के लिए 1110 वर्गमीटर क्षेत्र अनिवार्य किया गया है. इसके साथ ही कक्षाएं, प्रयोगशाला, कंप्यूटर रूम, पुस्तकालय, चिकित्सा कक्ष, शौचालय, खेल सामग्री कक्ष और सुरक्षा व्यवस्था जैसी सुविधाएं अनिवार्य होंगी.

दस्तावेज और सुरक्षा प्रमाण पत्र जरूरी

स्कूलों को भवन पूर्णता प्रमाण-पत्र, भूमि निबंधन, भू-स्वामित्व प्रमाण, लगान रसीद और शैक्षणिक उपयोग से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा.

निरीक्षण के बाद 5 वर्षों की संबद्धता

नई व्यवस्था के तहत संबद्धता के लिए 15 हजार रुपये निरीक्षण शुल्क निर्धारित किया गया है, जो अप्रत्यावर्तनीय होगा. सभी मानकों को पूरा करने वाले स्कूलों को प्रारंभिक रूप से 5 वर्षों के लिए संबद्धता दी जाएगी, जिसके बाद नवीकरण किया जाएगा.

नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई संभव

यदि कोई स्कूल निर्धारित मानकों का पालन नहीं करता है, तो समिति उसकी संबद्धता निलंबित या समाप्त कर सकती है. समिति को निरीक्षण और कार्रवाई का अधिकार भी दिया गया है.

शिक्षा गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद

शिक्षाविदों का मानना है कि नए नियम लागू होने से निजी स्कूलों में आधारभूत संरचना, खेल सुविधाएं और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा. साथ ही संबद्धता प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी.

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Published by: Ragini Sharma

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