सासाराम में पेयजल का भीषण संकट, सूखने लगे तालाब तो डीएम ने जारी किया अलर्ट

इस बार गर्मी की शुरुआत अप्रैल माह में ही तपिश ने अपना तीखा तेवर दिखना शुरू कर दिया है. इसके साथ ही इस तीखी धूप की तपिश से आहर, नाहर, पोखर सहित चापाकल भी दम तोड़ने लगा है. इससे पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है.

By Prabhat Khabar | April 17, 2022 2:34 PM

सासाराम में इस बार अप्रैल माह में ही तपिश ने अपना तीखा तेवर दिखना शुरू कर दिया है. इससे लोग बेदम होने लगे हैं. सुबह 10 बजे के बाद से ही धूप की तपिश लोगों पर कहर बन कर टूट रही है. इससे लोगों के कंठ सूखने लगे हैं. इसके साथ ही इस तीखी धूप की तपिश से आहर, नाहर, पोखर सहित चापाकल भी दम तोड़ने लगा है. इससे पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है. इस समस्या को देखते हुए जिलाधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने पीएचइडी को अलर्ट रहने का सख्त निर्देश दिया है.

तपिश के कारण पेयजल की समस्या बढ़ जाती है

ओएसडी आलोक सौरभ ने बताया कि गर्मी की तपिश के कारण पेयजल की समस्या बढ़ जाती है. इस देखते हुए जिलाधिकारी ने पीएचइडी को पेयजल के लिए अलर्ट मोड में काम करने का सख्त निर्देश दिया है.

खराब चापाकलों को 10 दिनों के अंदर चालू करने का निर्देश

आलोक सौरभ ने कहा कि डीएम ने पीएचइडी को शहर सहित जिले के सभी प्रखंडों में चापाकलों की स्थिति बेहतर करने व खराब पड़े चापाकलों को 10 दिनों के अंदर चालू करने का निर्देश दिया है. अन्यथा इसमें किसी तरह की लापरवाही या उदासीनता बरतने पर संबंधित विभाग पर कार्रवाई हो सकती है. गौरतलब है इस समय तीखी धूप से लोग बेहाल हैं. इसमें सबसे अधिक बेहाल व परेशान जिले के सूदूर पहाड़ी क्षेत्र प्रखंड के लोग हैं. उन्हें पानी को लेकर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

सैकड़ों चापाकल तोड़ रहे दम

लगातार बढ़ रही गर्मी व तीखी धूप से पहाड़ी इलाकों में जल संकट विकट होने लगा है. पहाड़ी क्षेत्र के अधिकतर कुएं व तालाब सूख चुके हैं. वहीं, हैंडपंपों की स्थिति दिनों दिन खराब होती जा रही है. पहाड़ी क्षेत्र के सैकड़ों हैंडपंप दम तोड़ते हुए पानी देना छोड़ चुके हैं. इससे अनियमित पेयजलापूर्ति से लोगों की परेशानी काफी बढ़ गयी है. इसके बाद डीएम ने संबंधित विभाग को पेयजल को लेकर सख्त निर्देश दिया है.

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लोगों की रातों की नींद हराम

तपिश धूप के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में पानी को लेकर सर्वत्र हाहाकार मचा हुआ है. इसको ले पीएचइडी द्वारा कुछ गांवों में पानी की टैंकर पहुंचायी जा रही है. लेकिन, ये लोगों के लिए पर्याप्त नहीं है. वहीं पेयजल-आपूर्ति के सार्वजनिक नलों पर पानी के लिए अहले सुबह से ही लोगों की भीड़ लग जाती है. लेकिन, वहां भी प्रतिदिन पानी नहीं आने से लोग मायूस हो वापस हो जाते हैं. पानी की किल्लत से लोगों की रात की नींद भी हराम हो गयी है. कई जगहों पर लोग पानी के रात जगा कर रहे हैं. बावजूद पानी नहीं मिल रहा है.

Published By: Anand Shekhar

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