रोहतास जिले के सासाराम से मो. आरिफ खान की रिपोर्ट
Rohtas News: रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम स्थित शांति प्रसाद जैन कॉलेज के लोहा सिंह सभागार में मंगलवार को आईआईटी दिल्ली, सैमसंग इंडिया तथा भारत सरकार के नवाचार कार्यक्रम के तहत दो घंटे की विशेष कार्यशाला आयोजित हुई. इस तकनीकी कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में इमामी इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. आरिफ हबीब उपस्थित रहे. उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद बीबीए, बीसीए, बीएससी बायोटेक्नोलॉजी एवं बीएड के लगभग 250 छात्र-छात्राओं को नवाचार, स्किल इंडिया, उद्यमिता (अन्वेषण) तथा ऐप डेवलपमेंट से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी.
नौकरी ढूंढने के बजाय रोजगार सृजन करने पर दिया जोर
अपने प्रेरणादायी संबोधन में मुख्य वक्ता डॉ. आरिफ हबीब ने कहा कि वर्तमान आधुनिक और प्रतिस्पर्धी समय में तकनीकी ज्ञान, नवाचार और कौशल विकास ही युवाओं की सफलता की असली कुंजी हैं. उन्होंने कॉलेज के छात्रों को लीक से हटकर नए विचारों पर काम करने, डिजिटल तकनीक का समाज हित में बेहतर उपयोग करने तथा केवल रोजगार तलाशने के बजाय खुद का स्टार्टअप शुरू कर रोजगार सृजन की दिशा में अपनी सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया. इसके साथ ही उन्होंने नया मोबाइल ऐप विकसित करने की बुनियादी तकनीकी प्रक्रिया, नवाचार की उपयोगिता और केंद्र सरकार के स्किल इंडिया कार्यक्रम से मिलने वाले बेहतरीन अवसरों की भी जानकारी दी.
छात्रों के प्रोजेक्ट्स देख विशेषज्ञ ने दिए व्यावहारिक टिप्स
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला के समापन के बाद कॉलेज के कई उत्साही छात्र-छात्राओं ने पहले से तैयार किये गये अपने विभिन्न तकनीकी प्रोजेक्ट्स मुख्य वक्ता डॉ. आरिफ हबीब के समक्ष प्रदर्शित किये. उन्होंने बेहद संवेदनशीलता के साथ छात्रों के सभी प्रोजेक्ट्स का बारीकी से अवलोकन किया तथा उन्हें भविष्य के लिहाज से और अधिक बेहतर व उपयोगी बनाने के कई महत्वपूर्ण तकनीकी सुझाव दिये. इसके अलावा उन्होंने प्रोजेक्ट्स को बाजार की मांग के अनुरूप पूरा करने के व्यावहारिक तरीके भी बताये. इस दौरान छात्रों ने उद्योग विशेषज्ञ से सीधे संवाद कर अपने करियर और ऐप कोडिंग से जुड़े जटिल सवालों के त्वरित जवाब भी प्राप्त किये.
उद्योग जगत की जरूरतों से जुड़ेंगे कॉलेज के छात्र
इस पूरी कार्यशाला की अध्यक्षता कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य प्रो. डॉ. राजेश कुमार सिन्हा ने की. उन्होंने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि इस प्रकार की उच्चस्तरीय कार्यशालाएं छात्र-छात्राओं को कॉलेज जीवन में ही नई तकनीक, वैश्विक नवाचार और उद्योग जगत (कॉर्पोरेट वर्ल्ड) की समकालीन आवश्यकताओं से जोड़ने में अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरगामी भूमिका निभाती हैं. इस सफल कार्यक्रम में जयंत, राकेश चौहान, डॉ. अजय सिंह, संगीता सिंह, कुमार दिग्विजय, डॉ. कंचन, रामचंद्र सिंह, अजीत गुप्ता, प्रभात सिंह सहित कॉलेज के सभी विभागों के सम्मानित शिक्षक, गैर-शैक्षणिक कर्मचारी एवं भारी संख्या में छात्र-छात्राएं मुस्तैद रहे.
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