Rohtas News (सासाराम से जितेंद्र कुमार पासवान की रिपोर्ट): रोहतास जिले में 15 जून से 15 अक्टूबर तक बालू घाटों के बंद रहने की अवधि शुरू होने से पहले बालू भंडारण की होड़ मच गई है. खनन विभाग के निर्देशानुसार बंदोबस्त बालू घाटों से 300 मीटर की परिधि में ही बालू स्टॉक किया जा सकता है, जबकि अन्य स्थानों पर भंडारण के लिए विभागीय लाइसेंस अनिवार्य है. इसके बावजूद जिले में बड़े पैमाने पर बिना लाइसेंस बालू भंडारण किया जा रहा है.
जिले में सिर्फ 25 लोगों के पास लाइसेंस
खनन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक रोहतास जिले में अब तक केवल 25 लोगों ने बालू भंडारण का लाइसेंस प्राप्त किया है. इसके विपरीत जिले के विभिन्न प्रखंडों और प्रमुख सड़कों के किनारे सैकड़ों स्थानों पर अवैध रूप से बालू का स्टॉक किया गया है. कई जगहों पर सड़क किनारे ही भारी मात्रा में बालू जमा कर दिए जाने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है.
सड़कों पर बढ़ रहा हादसों का खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि बालू की लोडिंग और अनलोडिंग के दौरान बड़ी मात्रा में बालू सड़क पर फैल जाता है. इससे सड़क फिसलन भरी हो जाती है और दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाएं बढ़ रही हैं. कई मामलों में लोगों की जान भी जा चुकी है. इसके बावजूद अवैध भंडारण के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है.
खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
जिले में खुलेआम हो रहे अवैध बालू भंडारण को लेकर खनन विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग की जानकारी के बिना इतने बड़े पैमाने पर बालू स्टॉकिंग संभव नहीं है. हालांकि विभाग का दावा है कि अवैध कारोबारियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है.
अवैध कारोबारियों पर होगी कार्रवाई: सहायक खान निदेशक
सहायक खान निदेशक रणधीर कुमार सिंह ने बताया कि अधिक से अधिक लोगों को लाइसेंस लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. इसके लिए विभागीय कार्यालय में विशेष शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अवैध रूप से बालू भंडारण करने वालों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
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