सासाराम में लघु सिंचाई कार्यालय पर छापा, विशेष टीम ने खंगाले रिकॉर्ड, अधिकारियों से पूछताछ तेज

रोहतास के लघु सिंचाई प्रमंडल कार्यालय में विशेष टीम ने छापेमारी की है। टीम कार्यालय के दस्तावेजों और अभिलेखों की गहन जांच कर रही है। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

Sasaram Irrigation Office Raid : रोहतास जिले के लघु सिंचाई प्रमंडल कार्यालय में गुरुवार को अचानक उस समय हड़कंप मच गया, जब विशेष जांच टीम ने छापेमारी शुरू कर दी. टीम के पहुंचते ही पूरे कार्यालय परिसर में हलचल बढ़ गई और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई. इस दौरान कार्यालय में मौजूद अभिलेखों और दस्तावेजों की गहन जांच की गई, जिससे पूरे मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं.

जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई लघु जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता के कार्यकाल से जुड़े कागजातों की जांच के लिए की जा रही है. टीम ने फाइलों को एक-एक कर खंगालना शुरू किया और उनसे जुड़े हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की. जानकारी के अनुसार जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को चिन्हित किया गया है, जिनकी अलग से जांच की जा रही है.

अभिलेखों की बारीकी से हो रही जांच

सूत्रों की मानें तो जांच टीम कार्यालय में रखे सभी प्रमुख अभिलेखों का मिलान कर रही है. पुराने और नए रिकॉर्ड को मिलाकर देखा जा रहा है कि कहीं कोई गड़बड़ी तो नहीं है. इसके साथ ही विभागीय कार्यों से जुड़े दस्तावेजों की भी विशेष रूप से जांच की जा रही है.

टीम ने सिर्फ कागजों तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की. उनसे कामकाज, फाइलों के निष्पादन और संबंधित प्रक्रियाओं को लेकर विस्तृत जानकारी ली जा रही है. इससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि जांच काफी गंभीर स्तर पर की जा रही है.

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, मीडिया को रोका गया

छापेमारी के दौरान कार्यालय परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. मुख्य द्वार पर पुलिस बल तैनात रहा और किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई. मीडिया प्रतिनिधियों को भी गेट पर ही रोक दिया गया, जिससे अंदर की गतिविधियों की जानकारी सीमित ही बाहर आ सकी.

इस दौरान कार्यालय के बाहर लोगों की भीड़ भी जुटती रही, जो अंदर चल रही कार्रवाई को लेकर चर्चा करते नजर आए. हालांकि, टीम की ओर से किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई.

अब तक नहीं आया कोई आधिकारिक बयान

फिलहाल इस पूरे मामले में जांच एजेंसी या विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. छापेमारी के पीछे की वजह और अब तक क्या-क्या मिला है, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है.

सूत्रों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सही तस्वीर सामने आएगी. संभावना जताई जा रही है कि अगर किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है, तो आगे बड़ी कार्रवाई भी हो सकती है.

आगे की कार्रवाई पर टिकी नजर

इस छापेमारी के बाद पूरे जिले में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है. लोग जानना चाहते हैं कि आखिर जांच में क्या निकलकर सामने आता है. फिलहाल जांच टीम दस्तावेजों को खंगालने और तथ्यों के सत्यापन में जुटी हुई है.

आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं. प्रशासन की अगली कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष पर अब सभी की नजर टिकी हुई है. यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित लोगों पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है.

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