प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग में रोहतास बिहार में नंबर वन, 799 मध्य विद्यालयों ने पूरा किया एमआईपी

रोहतास जिले ने प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (PBL) में बिहार में नंबर वन स्थान प्राप्त किया है. जिले के 799 मध्य विद्यालयों ने माइक्रो इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट (MIP) सफलतापूर्वक पूरा कर यह उपलब्धि हासिल की है. यह शिक्षकों और शिक्षा विभाग के सामूहिक प्रयास का परिणाम है.

Sasaram News : प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग के क्षेत्र में रोहतास जिले ने बिहार में नया कीर्तिमान स्थापित किया है. जिले के 799 मध्य विद्यालयों में एमआईपी (माइक्रो इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट) को सफलतापूर्वक पूरा कर रोहतास ने राज्य में पहला स्थान हासिल किया है. शिक्षा विभाग के अनुसार यह उपलब्धि शिक्षकों, तकनीकी सदस्यों और शिक्षा कर्मियों के सामूहिक प्रयास, नवाचार और लगातार मॉनिटरिंग का परिणाम है.

799 मध्य विद्यालयों में पूरा हुआ एमआईपी

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सर्व शिक्षा अभियान रजनीश कुमार उपाध्याय ने इस उपलब्धि पर जिले और प्रखंड स्तर पर कार्यरत सभी तकनीकी सदस्यों, शिक्षकों एवं शिक्षा कर्मियों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि टीमवर्क, प्रतिबद्धता और निरंतर प्रयासों के कारण रोहतास ने यह मुकाम हासिल किया है. यह सफलता आने वाले समय में बच्चों के सीखने के स्तर में गुणात्मक सुधार का आधार बनेगी.

गज़ाला फ़ातमा की भूमिका रही अहम

जिला एवं प्रखंड तकनीकी सदस्यों ने इस सफलता में जिला तकनीकी टीम (पीबीएल) की सक्रिय सदस्य और एफएलएन जिला रिसोर्स पर्सन गज़ाला फ़ातमा की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया. सदस्यों के अनुसार उन्होंने प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग को महज एक कार्यक्रम न मानकर बच्चों के सीखने के तरीके में बदलाव लाने वाले शैक्षणिक अभियान के रूप में आगे बढ़ाया.

उन्होंने विद्यालयों से लगातार संवाद, शिक्षकों के मार्गदर्शन, साक्ष्य संकलन की निगरानी और समस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष ध्यान दिया. इसके कारण अभियान को जिले के विभिन्न विद्यालयों में प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद मिली.

बच्चों में बढ़ी सहभागिता और रचनात्मकता

गज़ाला फ़ातमा ने स्कूल से जिला स्तर तक शिक्षकों को प्रेरित करने और प्रखंड तकनीकी सदस्यों को दिशा देने के साथ गुणवत्तापूर्ण साक्ष्य जुटाने पर विशेष जोर दिया. शिक्षा विभाग के अनुसार इसके परिणामस्वरूप विद्यालयों में बच्चों की सहभागिता, रचनात्मकता, समस्या समाधान क्षमता और व्यवहारिक अधिगम को बढ़ावा मिला.

अन्य तकनीकी सदस्यों का भी रहा योगदान

अभियान में जिला शिक्षक शिक्षा एवं शिक्षक समन्वयक कृष्ण कुमार राम का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा. उन्होंने शिक्षकों के क्षमता निर्माण, शैक्षणिक सहयोग, नियमित समीक्षा और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से अभियान को मजबूती दी.

वहीं, जिला तकनीकी सदस्य अनुराग मिश्रा ने फॉलोअप, डेटा प्रबंधन, साक्ष्य सत्यापन और तकनीकी सहयोग की जिम्मेदारी संभाली. शिक्षा पदाधिकारियों, तकनीकी सदस्यों और शिक्षकों ने कहा कि बिहार में पहला स्थान हासिल करना पूरे रोहतास शिक्षा परिवार की सामूहिक सफलता है.

हालांकि, अभियान के दौरान गज़ाला फ़ातमा के नेतृत्व, दूरदर्शिता और समर्पण ने इसे गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी.

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By मो. आरिफ खान

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