कर्ज से परेशान होकर रची झूठी लूट की कहानी, पूरी रकम चुकाने में पत्नी के बीके गहनें

SASARAM NEWS.बिक्रमगंज रेलवे स्टेशन रोड पर 28 जनवरी को हुई 3 लाख 11 हजार रुपये की कथित लूट की घटना का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है. जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि लूट का शिकार बना व्यक्ति ही इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड था.

रेलवे स्टेशन रोड लूटकांड का खुलासा, पीड़ित ही निकला मास्टरमाइंड

फोटो -18- गिरफ्तार आरोपी कुश कुमार के साथ पुलिस टीमप्रतिनिधि, बिक्रमगंज.

बिक्रमगंज रेलवे स्टेशन रोड पर 28 जनवरी को हुई 3 लाख 11 हजार रुपये की कथित लूट की घटना का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है. जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि लूट का शिकार बना व्यक्ति ही इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड था. पुलिस ने आरोपित कुश कुमार को गिरफ्तार कर उसके पास से लूट की पूरी रकम भी बरामद कर ली है. गिरफ्तारी के बाद मामले का खुलासा करते हुए डीएसपी सिंधु शेखर सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम ने जब मामले की गहराई से जांच की तो कई तथ्यों में विरोधाभास सामने आया. संदेह के आधार पर जब कथित पीड़ित कुश कुमार से सख्ती से पूछताछ की गयी, तो उसने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया. आरोपित की निशानदेही पर उसके घर से 2 लाख 66 हजार 750 रुपये नकद, एक पिट्ठू बैग व रेलवे कैश से संबंधित महत्वपूर्ण कागजात बरामद किये गये. शेष राशि के संबंध में भी संतोषजनक जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया. बाद में शेष रकम उसकी पत्नी ने अपने और बच्चों के गहने बेचकर चुकाई. थानाध्यक्ष ललन कुमार ने बताया कि कुश कुमार वर्ष 2014 से एक कलेक्शन कंपनी से जुड़ा हुआ था और अब तक उसके खिलाफ किसी भी प्रकार की आपराधिक शिकायत दर्ज नहीं थी. प्रारंभिक जांच में यह मामला आर्थिक दबाव में लिया गया गलत निर्णय प्रतीत होता है, जिसमें भरोसे का भी दुरुपयोग किया गया.

कर्ज के बोझ में टूटा परिवार, रकम चुकाने को पत्नी के बिके गहने

रेलवे स्टेशन रोड लूटकांड के खुलासे के बाद एक पारिवारिक पहलू भी सामने आया है. पुलिस जांच में पता चला कि आरोपित कुश कुमार भारी कर्ज के बोझ तले दबा हुआ था. उसने रेलवे के ही एक कर्मी से प्रति माह पांच रुपये के सूद पर कर्ज ले रखा था, जिसकी भरपाई को लेकर वह लगातार मानसिक तनाव में था. इसी दबाव में उसने लूट की झूठी कहानी रच डाली. स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी थी कि गायब रकम की भरपाई के लिए उसकी पत्नी को अपने कीमती गहने तक बेचने पड़े. इस घटना ने न केवल एक आपराधिक साजिश को उजागर किया, बल्कि यह भी दर्शाया कि आर्थिक तंगी और कर्ज का दबाव पूरे परिवार को किस तरह संकट में डाल सकता है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला समाज के लिए एक सबक है कि आर्थिक तनाव में लिया गया एक गलत फैसला पूरे जीवन को बर्बाद कर सकता है.

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By ANURAG SHARAN

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