Rohtas News : बिहार में आरक्षण व्यवस्था को लेकर जारी सियासी बहस के बीच चेनारी विधायक मुरारी प्रसाद गौतम ने लोजपा (रामविलास) का रुख स्पष्ट किया है. उन्होंने कहा कि आरक्षण की समीक्षा के नाम पर इसमें किसी तरह की कटौती या बदलाव नहीं होना चाहिए. समीक्षा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होना चाहिए कि अब तक जिन वर्गों, समुदायों और क्षेत्रों तक आरक्षण का वास्तविक लाभ नहीं पहुंच पाया है, उन्हें इसका लाभ मिले.
आरक्षण सामाजिक न्याय का महत्वपूर्ण माध्यम
विधायक मुरारी प्रसाद गौतम ने कहा कि आरक्षण वंचित और पिछड़े वर्गों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है. ऐसे में आरक्षण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कटौती या बदलाव स्वीकार्य नहीं है. यदि इसकी समीक्षा की जरूरत है तो उसका आधार यह होना चाहिए कि आरक्षण का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक अधिक प्रभावी ढंग से कैसे पहुंचाया जाए.
चिराग पासवान का रुख स्पष्ट, बदलाव के खिलाफ पार्टी
चेनारी विधायक ने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान आरक्षण के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट कर चुके हैं. पार्टी आरक्षण में किसी भी प्रकार के बदलाव या कटौती के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि लोजपा (आर) का उद्देश्य सामाजिक न्याय की व्यवस्था को कमजोर करना नहीं, बल्कि उसे और मजबूत करना है.
डेहरी विधायक राजीव रंजन ने भी जताया समर्थन
आरक्षण के मुद्दे पर चेनारी विधायक के बयान का डेहरी विधानसभा क्षेत्र के लोजपा (रामविलास) विधायक राजीव रंजन उर्फ सोनू सिंह ने भी समर्थन किया. उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान आरक्षण के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया स्पष्ट रूप से दे चुके हैं और पार्टी के नेता व कार्यकर्ता उनके रुख के साथ हैं.
आरक्षण के मुद्दे पर जिले में भी सियासी सक्रियता बढ़ी
लोजपा (रामविलास) और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के नेताओं की ओर से आरक्षण को लेकर अलग-अलग बयान सामने आने के बीच चेनारी और डेहरी के दोनों लोजपा (आर) विधायकों के रुख से पार्टी की स्थिति स्पष्ट हुई है. दोनों नेताओं ने पार्टी नेतृत्व के रुख के समर्थन में आरक्षण में कटौती या बदलाव का विरोध किया है.
