Sasaram News : नोखा प्रारंभिक बाल शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने तथा बच्चों की भाषा क्षमता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित 'परवरिश' एवं 'बोल साथी' कार्यक्रम का तीन दिवसीय प्रशिक्षण गुरुवार को संपन्न हो गया. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद नोखा प्रखंड एवं नगर क्षेत्र के 192 आंगनबाड़ी केंद्रों में इन दोनों कार्यक्रमों का संचालन शुरू किया जाएगा. इसके माध्यम से 0 से 6 वर्ष के बच्चों की विद्यालय-तत्परता तथा 3 से 6 वर्ष के बच्चों के भाषा विकास पर विशेष रूप से कार्य किया जाएगा.
192 केंद्रों की सेविकाओं को दिया गया चरणबद्ध प्रशिक्षण
सीडीपीओ आभा कुमारी ने बताया कि प्रखंड एवं नगर क्षेत्र के 192 आंगनबाड़ी केंद्रों को तीन सेक्टर में विभाजित कर सभी सेविकाओं को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया गया. उन्होंने कहा कि यह पहल बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
खेल आधारित शिक्षण और संवाद पर रहा जोर
दोस्त लर्निंग फाउंडेशन की ओर से लंगट नाथ पांडेय ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि प्रशिक्षण सत्र का संचालन सुजीत कुमार ने किया. प्रशिक्षण के दौरान सेविकाओं को खेल आधारित शिक्षण, कहानी-कथन, संवाद और बच्चों के साथ प्रभावी गतिविधियों के संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया.
फोनकास्ट और व्हाट्सऐप चैटबॉट से जुड़ेंगे परिवार
प्रशिक्षण में बताया गया कि 'परवरिश' कार्यक्रम के तहत अभिभावकों को फोनकास्ट के माध्यम से बच्चों की देखभाल, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़े नियमित सुझाव दिए जाएंगे. वहीं 'बोल साथी' व्हाट्सऐप चैटबॉट परिवारों को बच्चों के साथ बातचीत, कहानी सुनाने, गीत, खेल और भाषा विकास से जुड़ी गतिविधियों के लिए प्रेरित करेगा. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता परिवारों का नामांकन कर उन्हें इन गतिविधियों से जोड़ेंगे, जिससे बच्चों की सीखने की क्षमता, भाषा कौशल और विद्यालय के लिए तैयारी को और मजबूत किया जा सके. अधिकारियों ने विश्वास जताया कि यह पहल गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक बाल शिक्षा को बढ़ावा देने में प्रभावी साबित होगी.
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