BJP Protest On Bridge Demand : रोहतास जिले के डेहरी इलाके में पाली-मकराइन रेलवे ओवर ब्रिज को लेकर लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है. लंबे समय से अधूरा पड़ा यह पुल आम जनता के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है. भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे को उठाते हुए प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से जल्द से जल्द पुल को चालू करने की मांग की है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुल क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके निर्माण में हो रही देरी से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है. मई 2026 तक इस ओवर ब्रिज के चालू होने की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन मरम्मत और बाकी काम अधूरे रहने के कारण अब तक इसे शुरू नहीं किया जा सका है.
Sasaram News : बढ़ती जा रही लोगों की परेशानी
भाजपा के जिला प्रवक्ता रजनीश कुमार वर्मा ने बताया कि पुल बंद रहने का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है. भारी वाहनों का दबाव अब बक्सर पुल और आसपास की ग्रामीण सड़कों पर बढ़ गया है. इससे हर दिन जाम की स्थिति बन रही है और लोगों को घंटों तक फंसे रहना पड़ रहा है.
उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते ट्रैफिक के कारण सड़कों की हालत भी खराब हो रही है. इसके साथ ही दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है. धूल और शोर से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है, खासकर पाली, करगहर, डेहरी और अकबरपुर जैसे इलाकों के निवासी इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं.
पहले भी उठाया जा चुका है मुद्दा
रजनीश कुमार वर्मा ने बताया कि इस समस्या को पहले भी कई बार उठाया जा चुका है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और अन्य माध्यमों से अधिकारियों का ध्यान इस ओर दिलाने की कोशिश की थी. लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है.
उनका कहना है कि यह सिर्फ एक पुल का मामला नहीं है, बल्कि हजारों लोगों की रोजमर्रा की परेशानी से जुड़ा मुद्दा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
प्रशासन और एजेंसियों से सख्त मांग
भाजपा ने जिला प्रशासन, रेलवे प्रशासन और निर्माण एजेंसी से अपील की है कि बचे हुए काम को युद्ध स्तर पर पूरा किया जाए और ओवर ब्रिज को जल्द से जल्द आम जनता के लिए खोल दिया जाए. साथ ही यह भी मांग की गई है कि जब तक पुल चालू नहीं होता, तब तक भारी वाहनों को राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर डायवर्ट किया जाए ताकि स्थानीय सड़कों पर दबाव कम हो सके.
अब क्या करेगा प्रशासन
इस पूरे मामले में अब लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है. लगातार बढ़ते दबाव के बीच यह देखना अहम होगा कि संबंधित विभाग कब तक इस अधूरे पड़े पुल को पूरा कर जनता को राहत देता है.
