Rohtas News : रोहतास जिला के बिक्रमगंज स्थित उत्कर्ष बायोगैस (सीबीजी) प्लांट को राज्य निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत उद्योग विभाग से वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद नई गति मिलने की उम्मीद है. करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित इस प्लांट का बुधवार को रोहतास के जिला पदाधिकारी दीपक कुमार मिश्र ने निरीक्षण कर इसकी कार्यप्रणाली और उत्पादन प्रक्रिया का जायजा लिया.
उद्योग विभाग से मिली वित्तीय स्वीकृति
निरीक्षण के दौरान प्लांट प्रबंधन ने जिला पदाधिकारी को बताया कि उद्योग विभाग से वित्तीय स्वीकृति का आदेश प्राप्त हो गया है. डीएम ने बायोमास संग्रहण, कम्प्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) उत्पादन और जैविक खाद निर्माण की पूरी प्रक्रिया का अवलोकन किया.
रोजाना 2500 किलोग्राम सीबीजी उत्पादन की क्षमता
जिला उद्योग प्रबंधक आशीष रंजन ने बताया कि प्लांट में प्रतिदिन 2500 किलोग्राम कम्प्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) उत्पादन की क्षमता है. इसके साथ ही यहां सूखी और तरल दोनों प्रकार की जैविक खाद का भी निर्माण किया जाता है.
पराली और कृषि अवशेषों से बनेगी स्वच्छ ऊर्जा
प्लांट में गैस उत्पादन के लिए धान का पुआल, गेहूं और सरसों का भूसा, मक्का का ठंठल, गोबर तथा पोल्ट्री बीट का उपयोग किया जाता है. हर वर्ष लगभग आठ हजार टन धान का पुआल और अन्य बायोमास 50 किलोमीटर के दायरे से खरीदा जाता है. इससे किसानों को कृषि अवशेषों का उचित मूल्य मिलने के साथ पराली जलाने की समस्या कम करने में भी मदद मिलेगी.
डीएम बोले- किसानों की आय और रोजगार को मिलेगा लाभ
निरीक्षण के दौरान डीएम दीपक कुमार मिश्र ने कहा कि कृषि अवशेषों का वैज्ञानिक उपयोग पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. ऐसे उद्योग हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेंगे.
उत्पादन बढ़ाने और किसानों से समन्वय मजबूत करने के निर्देश
डीएम ने प्लांट प्रबंधन को उत्पादन क्षमता बढ़ाने, किसानों से बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार कार्य करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि इस तरह की परियोजनाएं जिले में कृषि आधारित उद्योगों, हरित ऊर्जा और सतत विकास को नई गति देंगी.
