Rohtas News: एनसीसी कैडेट्स के लिए कठिन सैन्य प्रशिक्षण और अनुशासन के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस और संतुलित पोषण का होना अनिवार्य है. एक स्वस्थ और ऊर्जावान शरीर के बिना कोई भी कैडेट अपनी जिम्मेदारियों और लक्ष्यों को पूरी क्षमता से हासिल नहीं कर सकता. यह बात गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय (GNSU) के नारायण नर्सिंग कॉलेज की उप प्राचार्या प्रो. डॉ. श्वेता शर्मा ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कही. वे सासाराम में कैडेट्स के लिए आयोजित 'सही पोषण एवं फिटनेस की महत्ता' विषयक एक दिवसीय विशेष व्याख्यान को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रही थीं.
स्वस्थ शरीर और संतुलित आहार ही कैडेट की असली ताकत: डॉ. श्वेता शर्मा
विषय विशेषज्ञ प्रो. डॉ. श्वेता शर्मा ने कैडेट्स को नियमित व्यायाम, शारीरिक सौष्ठव और पौष्टिक खान-पान के वैज्ञानिक महत्व से अवगत कराया. उन्होंने कहा कि कड़ी ट्रेनिंग के दौरान शरीर को सही मात्रा में प्रोटीन, विटामिन और सूक्ष्म पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है. उन्होंने युवाओं को जंक फूड से दूर रहने, नियमित दिनचर्या अपनाने और मानसिक व शारीरिक मजबूती के लिए योग व कसरत को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया.
42 बिहार बटालियन और GNSU के संयुक्त तत्वावधान में आयोजन
42 बिहार बटालियन एनसीसी, सासाराम के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल अनूप कुमार के कुशल निर्देशन में इस प्रेरणादायी सत्र का आयोजन किया गया:
- 240 से अधिक कैडेट्स की भागीदारी: कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के 240 से ज्यादा एनसीसी कैडेट्स ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया.
- संयुक्त समन्वय: कार्यक्रम का सफल संचालन विश्वविद्यालय की ओर से कार्यक्रम समन्वयक लेफ्टिनेंट डॉ. मयंक राय और नारायण वर्ल्ड स्कूल की ओर से अश्वनी सिंह ने किया, जबकि पीआई स्टाफ रौशन सिंह का भी महत्वपूर्ण तकनीकी सहयोग रहा.
- अनुशासन और स्वास्थ्य का संदेश: नारायण वर्ल्ड स्कूल की डायरेक्टर डॉ. मोनिका सिंह ने सफल आयोजन पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवाओं में अनुशासन और स्वास्थ्य के प्रति सजगता बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजन निरंतर जरूरी हैं.
कैडेट्स ने लोकगीत और नृत्य से बिखेरे बिहार की संस्कृति के रंग
व्याख्यान सत्र के समापन के बाद एनसीसी कैडेट्स ने एक से बढ़कर एक मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं. कैडेट्स ने पारंपरिक लोकगीतों और लोकनृत्यों के जरिए बिहार की समृद्ध ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत कर दिया. कैडेट्स की ऊर्जा और कलात्मक प्रस्तुतियों ने सभागार में मौजूद सभी अतिथियों और अधिकारियों को मंत्रमुग्ध कर दिया.
