Sasaram News : रोहतास जिले में पिछले एक दशक से बंद पड़े पत्थर खनन उद्योग के दोबारा शुरू होने की उम्मीद जगी है. खनन को लेकर जिले में चार ब्लॉक चिह्नित किये गये हैं. इसी बीच करगहर विधायक वशिष्ठ सिंह ने खनन प्रक्रिया में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग उठायी है.
बड़े ब्लॉक की जगह छोटे-छोटे ब्लॉक में हो टेंडर
विधायक वशिष्ठ सिंह ने कहा कि खनन क्षेत्रों के बड़े-बड़े ब्लॉक का टेंडर करने के बजाय उन्हें छोटे-छोटे ब्लॉक में विभाजित कर टेंडर कराया जाए. इससे जिले के स्थानीय संवेदकों और कारोबारियों को भी खनन कार्य में भाग लेने का अवसर मिलेगा.
उन्होंने कहा कि बड़े ब्लॉक का टेंडर होने पर बाहर के बड़े व्यवसायियों की सहभागिता बढ़ सकती है, जिससे स्थानीय लोग अवसर से वंचित रह जाएंगे.
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स्थानीय संवेदकों को लाभ और रोजगार बढ़ने की बात
विधायक ने कहा कि छोटे ब्लॉक का टेंडर होने से जिले के स्थानीय संवेदकों को लाभ मिलेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. उन्होंने कहा कि खनन प्रक्रिया में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि इसका लाभ जिले के लोगों को भी मिल सके.
क्रशर उद्योग के लिए स्पष्ट नीति बनाने की मांग
वशिष्ठ सिंह ने क्रशर उद्योग को लेकर भी स्पष्ट नीति बनाने की मांग की. उन्होंने कहा कि खनन का टेंडर लेने वाले व्यक्ति को ही क्रशर लगाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. इसके बजाय स्थानीय आम लोगों को भी क्रशर लगाने का अवसर मिलना चाहिए.
जिलाधिकारी से हुई बातचीत, विधायकों की मुख्यमंत्री से मुलाकात
वशिष्ठ सिंह ने बताया कि इस संबंध में जिलाधिकारी से भी बातचीत हुई है. उन्होंने कहा कि खनन में स्थानीय लोगों की भागीदारी समेत अन्य मुद्दों को लेकर जिले के सभी विधायक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात करेंगे.
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