देवी-देवताओं की सामूहिक पूजा के बाद भी नहीं थम रही घटना
घटना को पता लगाने के लिए लगाये जायेंगे सीसीटीवी कैमरेएसडीएम ने कहा-घटनाओं को रोकने के लिए मैजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की होगी तैनातीफोटो-1- पीड़ित परिवार के साथ अन्य लोग. प्रतिनिधि, अकोढ़ीगोला
आयरकोठा थाना क्षेत्र के अहराव गांव की दलित बस्ती में बीते करीब 18 दिनों से रहस्यमय तरीके से आगलगी की घटनाएं सामने आ रही हैं. फूंस और खपड़ैल के घरों में अचानक धुआं उठने के साथ आग की लपटें दिख रही हैं. ग्रामीण सतर्कता बरतते हुए समय रहते आग पर काबू पा ले रहे हैं, जिससे अब तक बड़ी क्षति नहीं हुई है. लेकिन घटना को लेकर पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौके पर स्थिति का जायजा लिया. पीड़ित मनोज पासवान ने बताया कि 22 जनवरी को खेत में रखे पुआल से आग लगने के साथ इस घटना की शुरुआत हुई थी. इसके बाद आज तक किसी न किसी घर में लगातार आग लग रही है. कई घरों में दो से तीन बार आग चुकी हैं. रविवार की सुबह करीब 08:40 बजे धनजी राम के फूंसनुमा घर में आग लग गयी. शनिवार को शाम छह बजे दुखन राम के फूंसनुमा घर में आग लगी थी. आग की चपेट में आने से किशुन राम, मुसहरी राम, हीरालाल राम, जगरनाथ राम, जुलूस राम आदि के घरों में आग लग चुकी हैं.क्या कहते हैं लोग
पीड़ित परिवार की महिलाएं पूनम देवी, मीना देवी, सीता देवी, उषा देवी आदि ने बताया कि दिन व रात में कभी भी फूंस और खपड़ैल घर में आग पकड़ ले रहा है. आग फूंस में लग रही है, लेकिन उसके नीचे आग नहीं दिख रही है. यानी आग सीधे फूंस व खपड़ैल घर में पकड़ ले रही है. महिलाओं ने कहा कि डर से हमलोग तार घर से बाहर आंगन में सोते हैं और दिनभर घर के बाहर पहरा कर रहे हैं. इसके बाद भी किसी न किसी घरों में आग लग रही हैं.गांव की काट दी गयी है बिजली
लोग इसे दैविक प्रकोप समझकर देवी-देवताओं की सामूहिक पूजा भी की गयी थी, फिर उस रात आग लग गयी. हमलोग काफी परेशान है. दिन-रात पहरेदारी करना पड़ रहा है. बताया कि मुहल्ले की बिजली भी काट दी गयी है. तब बिजली के शॉर्ट-सर्किट से आग लगने की भी बात नहीं है. घटना से गांव में भ्रामक स्थिति है और लोगों में आक्रोश भी व्याप्त है. घटना को लेकर गुरुवार को अनुमंडलाधिकारी नीलेश कुमार व एएसपी अतुलेश झा ने दल-बल के साथ घटना स्थल का दौरा किया. लोगों से बातचीत की गयी. अहराव गांव के कुछ घरों में 15 दिन पहले से आग लगने की सूचना मिली है. इसको लेकर लोग भ्रामक विचार लोग रख रहे हैं. इसके पीछे प्राकृतिक कारण हो सकता है. लोग इसको लेकर भ्रामक स्थिति पैदा नहीं करें. इसकी तहकीकात चार पांच नौजवान पड़ताल करेंगे कि आग कैसे लग रही है. आग चूल्हे या आग की तिल्ली से घटनाएं हो रही हैं. इस घटना को लेकर एक मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल तीन-चार दिन तक बहाल रहेंगे. उन्होंने कहा कि अंधविवास में न रहे. आपस में मिलकर घटना के बारे में जानकारी लें. बताया कि आपदा के तहत पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता दी जायेगी.
नीलेश कुमार, अनुमंडलाधिकारी, डेहरी
आग लगने की घटना के बाद तीन चार दिन वहां पहुंचे थे. उस दिन हमलोगों के मौजूदगी में तीन चार-बार आग लग गयी. एक रात पुलिस बल के साथ पहरेदारी में रहे, उस रात आग नहीं लगी. लेकिन, बाद में आग लगने की सूचना मिली. वहां लोग परेशान है. उसका हल नहीं दिख रहा है. उस मुहल्ले में सीसीटीवी लगाये जायेंगे. इससे घटना की सही जानकारी मिलेगी.
