Rohtas News : रोहतास महिला कॉलेज, सासाराम में शनिवार को एआइएमडीआइपी इंटर्नशिप प्रमाण-पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. प्रदीप कुमार राय ने किया. इंटर्नशिप की निर्धारित शिक्षण गतिविधियां, लाइव सत्र, असाइनमेंट, प्रोजेक्ट कार्य और मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी करने वाली छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किये गये.
इंटर्नशिप को केवल क्रेडिट या अंकों तक सीमित न रखें
प्राचार्य प्रो. डॉ. प्रदीप कुमार राय ने कहा कि विद्यार्थियों को इंटर्नशिप को केवल चार क्रेडिट या 100 अंकों के अनिवार्य पेपर के रूप में नहीं देखना चाहिए. इसका वास्तविक उद्देश्य छात्राओं को रोजगार, स्टार्टअप, उद्यमिता और व्यावसायिक जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करना है.
व्यावहारिक अनुभव से बनेगा करियर मजबूत
उन्होंने कहा कि स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद किसी संस्थान में काम करने या अपना उद्यम शुरू करने में इंटर्नशिप के दौरान हासिल ज्ञान, कौशल और व्यावहारिक अनुभव काफी उपयोगी साबित होगा. प्राचार्य ने छात्राओं को प्री-प्लेसमेंट मोटिवेशन देते हुए कहा कि व्यावहारिक अनुभव के माध्यम से विद्यार्थी अपनी पहचान स्थापित करने और आगे बढ़ने के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकते हैं.
छात्राओं में दिखा उत्साह
प्रमाण-पत्र मिलने के बाद छात्राओं में उत्साह नजर आया. प्राचार्य और शिक्षकों ने सफल छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. कार्यक्रम का संचालन एआइएमडीआइपी की कॉलेज कोऑर्डिनेटर पिंकी पांडेय ने किया.
नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन से जुड़ा कार्यक्रम
यह इंटर्नशिप कार्यक्रम भारत सरकार के नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन के तहत स्थापित अटल इन्क्यूबेशन सेंटर-बिहार विद्यापीठ फाउंडेशन के सहयोग से संचालित किया जा रहा है. कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने वाले विद्यार्थियों को एआइएमडीआइपी और एआइसी-बिहार विद्यापीठ के संयुक्त प्रमाणीकरण एवं हस्ताक्षर से प्रमाण-पत्र दिये जाते हैं.
समारोह में अंग्रेजी विभाग के प्रो. विष्णुलोक बिहारी श्रीवास्तव, इतिहास विभाग के प्राध्यापक समेत विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, प्राध्यापक और कर्मचारी मौजूद रहे. अटल इन्क्यूबेशन सेंटर-बिहार विद्यापीठ फाउंडेशन के चेयरमैन व सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारी विजय प्रकाश, सीइओ प्रमोद कुमार कर्ण और एआइएमडीआइपी के मेंटर डॉ. मनीष प्रसाद ने भी सफल छात्राओं को शुभकामनाएं दीं.
