दहेज हत्या मामले में पति को 10 साल की सजा, 2 लाख रुपये जुर्माना; 19 साल बाद सासाराम कोर्ट ने सुनाया फैसला

सासाराम कोर्ट ने दहेज के लिए पत्नी को जिंदा जलाने के दोषी पति सुनील जायसवाल को 10 साल की कैद और 2 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

Rohtas News : दहेज हत्या के करीब 19 साल पुराने मामले में सासाराम कोर्ट ने शुक्रवार को दोषी पति को 10 वर्ष के कारावास और 2 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. जिला जज दशम उमेश राय की अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए शाहपुर, डाल्टनगंज, झारखंड निवासी सुनील जायसवाल उर्फ चुन्नू को भारतीय दंड विधान की धारा 304 बी के तहत दोषी करार दिया. कोर्ट ने जुर्माने की राशि मृतका के परिजनों को देने का आदेश भी दिया है.

शादी के छह साल बाद शुरू हुई दहेज की मांग

अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता अपर लोक अभियोजक दिनेश कुमार सिन्हा ने बताया कि श्वेता जायसवाल की शादी वर्ष 2001 में सुनील जायसवाल से हुई थी. शादी के बाद श्वेता को एक पुत्र हुआ, जिसकी कुछ दिनों बाद मौत हो गयी. इसके बाद श्वेता ने एक पुत्री को जन्म दिया.

अभियोजन के अनुसार, पुत्री के जन्म के बाद से ही श्वेता के पति और ससुराल पक्ष की ओर से दहेज में टीवी और मोटरसाइकिल की मांग की जाने लगी. मांग पूरी नहीं होने पर श्वेता को कथित तौर पर प्रताड़ित किया जाता था.

मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने का आरोप

मामले में अभियोजन पक्ष के अनुसार 3 अगस्त 2007 की रात सुनील जायसवाल ने श्वेता पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी. श्वेता के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उसे इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया.

इलाज के दौरान करीब सात दिन बाद 10 अगस्त 2007 को श्वेता की मौत हो गयी. घटना के बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज कर न्यायालय में सुनवाई शुरू हुई.

आठ गवाहों की हुई गवाही

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल आठ गवाहों की गवाही न्यायालय में दर्ज करायी गयी. उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने पति सुनील जायसवाल उर्फ चुन्नू को दहेज हत्या के मामले में दोषी पाया.

इसके बाद शुक्रवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए जिला जज दशम उमेश राय की अदालत ने दोषी को 10 वर्ष के कारावास और 2 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनायी.

19 साल बाद मिला न्याय

वर्ष 2007 में हुई इस घटना के करीब 19 साल बाद कोर्ट का फैसला आया है. अदालत ने जुर्माने की 2 लाख रुपये की राशि मृतका के परिजनों को देने का आदेश दिया है. फैसले के बाद लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे मृतका के परिवार को राहत मिली है.


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By Chandrashekhar singh

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