गुप्ताधाम में सावन की पहली सोमवारी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक

सावन की पहली सोमवारी पर रोहतास के विश्वप्रसिद्ध गुप्ताधाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने स्वयंभू शिवलिंग पर जलाभिषेक कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया. हालांकि, उमस और भीड़ के कारण कुछ श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ने की भी खबरें आईं, जिस पर स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठे.

sasaram Guptadham: सावन की पहली सोमवारी पर रोहतास जिले के विश्वप्रसिद्ध गुप्ताधाम में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा. प्रशासनिक अनुमान के अनुसार लगभग डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गुफा में स्थित स्वयंभू शिवलिंग पर जलाभिषेक कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया. दिनभर कैमूर की वादियां "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के जयघोष से गूंजती रहीं. श्रद्धालुओं की लंबी कतारों के बावजूद लोगों में उत्साह बना रहा.

250 से अधिक पुलिसकर्मी रहे तैनात

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी. पु.अनि. सह थानाध्यक्ष दिनेश कुमार मालाकार के नेतृत्व में 250 से अधिक पुलिस पदाधिकारी और जवान मंदिर परिसर, गुफा मार्ग और प्रमुख स्थलों पर तैनात रहे. बैरिकेडिंग, माइकिंग और चरणबद्ध प्रवेश व्यवस्था के जरिए भीड़ को नियंत्रित किया गया.

उमस के कारण कई श्रद्धालुओं की बिगड़ी तबीयत

गुफा के भीतर भीड़ बढ़ने के साथ उमस और ऑक्सीजन की कमी जैसी स्थिति बनने से कई महिला श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई. कुछ महिलाओं को चक्कर और घबराहट की शिकायत हुई. सुरक्षा कर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने उन्हें तत्काल गुफा से बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया. समय पर इलाज मिलने से सभी की स्थिति सामान्य हो गई और किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली.

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि रविवार रात 8 बजे से सोमवार सुबह 7 बजे तक गुप्ताधाम परिसर में न तो एंबुलेंस उपलब्ध थी और न ही स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे. इस दौरान कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें निजी वाहनों के सहारे बाहर लाना पड़ा. लोगों ने श्रावणी मेले के दौरान 24 घंटे एंबुलेंस और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने की मांग की.

गुप्ताधाम का धार्मिक महत्व

कैमूर पर्वतमाला में स्थित गुप्ताधाम भगवान शिव का प्राचीन और प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है. मान्यता है कि यहां स्थित स्वयंभू शिवलिंग पर जल अर्पित करने से भगवान भोलेनाथ भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भस्मासुर से बचने के लिए भगवान शिव ने इसी गुफा में आश्रय लिया था. सावन माह में यहां प्रतिदिन हजारों, जबकि सोमवारी के दिन लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं.

क्या बोले थानाध्यक्ष

पु.अनि. सह थानाध्यक्ष दिनेश कुमार मालाकार ने कहा कि सावन की पहली सोमवारी को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. मंदिर परिसर, गुफा मार्ग और प्रमुख स्थानों पर 250 से अधिक पुलिस पदाधिकारी एवं जवान तैनात रहे. बैरिकेडिंग, लगातार गश्त और माइकिंग के माध्यम से श्रद्धालुओं को व्यवस्थित ढंग से दर्शन कराया गया. उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की.

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By Prabhat khabar news desk

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