Rohtas News : श्रावणी उपाकर्म एवं वेद प्रचार सप्ताह के अवसर पर डीएवी पब्लिक स्कूल, सेमरा में श्रीमद्भगवद्गीता श्लोक उच्चारण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन और दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई. प्रतियोगिता में औरंगाबाद क्षेत्र के पांच डीएवी विद्यालयों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर गीता के श्लोकों का सस्वर और भावपूर्ण उच्चारण किया.
वैदिक मंत्रोच्चारण और हवन से शुरू हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई. विद्यालय की प्राचार्या ने विभिन्न डीएवी विद्यालयों से पहुंचे प्राचार्यों, अतिथियों और निर्णायक मंडल का स्वागत किया. इसके बाद विद्यार्थियों ने श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों का पाठ प्रस्तुत किया.
पांच विद्यालयों के विद्यार्थियों ने दिखायी प्रतिभा
प्रतियोगिता में डीएवी पब्लिक स्कूल सेमरा, दानीबिगहा, तेंदुनी, नवीनगर और दाऊदनगर के विद्यार्थियों ने भाग लिया. बच्चों ने श्लोकों का सस्वर एवं भावपूर्ण उच्चारण कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. विद्यार्थियों के श्लोक पाठ से विद्यालय परिसर भक्तिमय हो उठा.
उच्चारण, लय और भाव के आधार पर हुआ मूल्यांकन
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में आचार्य मनोज शास्त्री, चुनमुन दुबे और अमरेंद्र मिश्रा शामिल थे. निर्णायकों ने विद्यार्थियों के उच्चारण, लय, स्वर एवं भाव के आधार पर उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन किया.
सेमरा और दानीबिगहा को संयुक्त प्रथम पुरस्कार
प्रतियोगिता में डीएवी पब्लिक स्कूल सेमरा और दानीबिगहा को संयुक्त रूप से प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया. वहीं डीएवी पब्लिक स्कूल तेंदुनी को द्वितीय पुरस्कार मिला, जबकि नवीनगर और दाऊदनगर को संयुक्त रूप से तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया.
गीता के श्लोकों से बच्चों में बढ़ती है संस्कारों की रुचि
विद्यालय की प्राचार्या ने विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता जैसे ग्रंथों के श्लोकों का अभ्यास बच्चों में भारतीय संस्कृति, वैदिक परंपरा एवं संस्कारों के प्रति रुचि विकसित करता है. ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना भी मजबूत होती है.
शांति पाठ के साथ हुआ आयोजन का समापन
कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के साथ हुआ. आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
