डेहरी फोरलेन कोयला डिपो में नाला निर्माण पर बवाल, घटिया काम का आरोप लगाकर जांच की मांग

डेहरी फोरलेन पर नाला निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल और अनियमितता को लेकर स्थानीय लोगों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

Sasaram News : डेहरी ऑन सोन क्षेत्र में फोरलेन स्थित कोयला डिपो के पास श्री राम धर्म कांटा के समीप बन रहे मुख्य नाले के निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से कराए जा रहे इस काम की गुणवत्ता पर स्थानीय ग्रामीणों और व्यवसायियों ने गंभीर सवाल उठाए हैं. लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में भारी लापरवाही बरती जा रही है, जिससे आने वाले समय में बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है.

बिना कंक्रीट बेड के बिछाए जा रहे पाइप

स्थानीय लोगों के अनुसार, नाला निर्माण के दौरान सबसे जरूरी प्रक्रिया कंक्रीट बेड तैयार करना होता है, लेकिन यहां इस नियम की अनदेखी की जा रही है. आरोप है कि निर्माण एजेंसी सीधे मिट्टी पर ही सीमेंटेड पाइप रखकर काम कर रही है. इससे नाले की मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि अगर इसी तरह काम चलता रहा तो कुछ ही समय में नाला धंस सकता है.

जूट के बोरे से जोड़े जा रहे पाइप

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि पाइपों को जोड़ने के लिए सीमेंट और कंक्रीट का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है. इसके बजाय जूट के बोरे का उपयोग किया जा रहा है. शीलू कुमार, बब्लू कुमार, राजू सिंह और रमेश प्रसाद जैसे स्थानीय लोगों ने बताया कि बोरे कुछ समय बाद सड़ जाएंगे, जिससे नाले में रुकावट आएगी और जल निकासी प्रभावित होगी. इससे बारिश के दिनों में जलजमाव की समस्या और बढ़ सकती है.

ग्रामीणों और व्यवसायियों में बढ़ा आक्रोश

निर्माण स्थल पर पहुंचे ग्रामीणों और स्थानीय व्यापारियों ने काम की गुणवत्ता पर कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने साफ कहा कि इस तरह का घटिया निर्माण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. लोगों ने मौके पर ही काम कर रहे कर्मियों से सवाल-जवाब भी किए और उच्च अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाने की बात कही.

जांच और काम रोकने की मांग

स्थानीय लोगों ने एनएचएआई के अधिकारियों से मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए. उनका कहना है कि जब तक तय मानकों के अनुसार पहले कंक्रीट बेड तैयार नहीं किया जाता और उसके बाद पाइप नहीं बिछाए जाते, तब तक इस काम को रोक दिया जाना चाहिए.

आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों और व्यवसायियों ने चेतावनी दी है कि यदि इसी तरह लापरवाही जारी रही तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे. उनका कहना है कि यह काम जनता के पैसे से हो रहा है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो इसकी पूरी जिम्मेदारी एनएचएआई के स्थानीय अधिकारियों और संबंधित निर्माण एजेंसी की होगी.


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By Prabhat khabar news desk

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