मांगों को लेकर किसानों और श्रमिकों का हल्लाबोल, जेल भरो अभियान के तहत सासाराम कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन

सासाराम में संयुक्त किसान मोर्चा और ट्रेड यूनियन ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

Rohtas News : संयुक्त किसान मोर्चा एवं केंद्रीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर सोमवार को किसानों और श्रमिक संगठनों के सदस्यों ने जेल भरो अभियान के तहत संयुक्त प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी धर्मशाला चौक से पोस्ट ऑफिस चौक, करहगर मोड़ होते हुए जिला कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की.

कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन

प्रदर्शन के बाद किसानों और श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजने के लिए सौंपा. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से किसानों, मजदूरों और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की.

कृषि समझौता और वीबीजी ग्राम योजना का विरोध

प्रदर्शनकारियों ने भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौता रद्द करने और वीबीजी ग्राम योजना वापस लेने की मांग उठायी. इसके साथ ही मनरेगा को पुन: बहाल करने और ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए गये होल्डिंग टैक्स व पानी टैक्स वापस लेने की मांग की गयी.

सरकारी नौकरी और 26 हजार रुपये वेतन की मांग

किसान और श्रमिक संगठनों ने संविदा व आउटसोर्सिंग के माध्यम से बहाली की नीति समाप्त कर सभी को पक्की सरकारी नौकरी देने की मांग की. आशा, ममता, कोरियर, आंगनबाड़ी और मध्याह्न भोजन रसोइयों की सेवा स्थायी करने के साथ न्यूनतम वैधानिक वेतन 26 हजार रुपये प्रतिमाह करने की भी मांग उठायी.

निजीकरण के खिलाफ भी जताया विरोध

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण का विरोध किया. उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों और मजदूरों से जुड़ी मांगों को गंभीरता से लेना चाहिए. कृषि क्षेत्र, ग्रामीण रोजगार को मजबूत करने और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा की भी मांग की गयी.


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By Prabhat khabar news desk

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