Sasaram News : बाढ़ से परेशान तीन पंचायतों के किसान, छात्रावास के मुद्दे को गोल कर गये नेता

सहकारिता सम्राट तपेश्वर सिंह की कर्मभूमि में किसानों की हालत दैनिय है. बिस्कोमान बंद है.

सासाराम नगर/ बिक्रमगंज. सहकारिता सम्राट तपेश्वर सिंह की कर्मभूमि में किसानों की हालत दैनिय है. बिस्कोमान बंद है. एशिया का दूसरा सबसे बड़ा राइस मिल बनने के साथ ही बंद हो गयी और साथ ही किसानों का सपना भी दम तोड़ दिया. अब बाढ़ है. नेताओं के आश्वासन हैं. धरातल पर सड़क की बात हो रही है. रविवार को काराकाट विधानसभा क्षेत्र के बिक्रमगंज के अजित ऑडिटोरियम में प्रभात खबर चौपाल में लोगों ने अपने जनप्रतिनिधियों से जमकर सवाल पूछे, जिसका मंच से नेताओं ने जवाब भी दिया. लेकिन, कई सवालों को वह गोल कर गये. मंच पर विधानसभा की जनता का जवाब देने के लिए भावी प्रत्याशी सह विधायक अरुण कुमार सिंह (माले), भावी प्रत्याशी सह पूर्व विधायक राजेश्वर राज (भाजपा), पूर्व जिलाध्यक्ष सह भाजपा के भावी प्रत्याशी मदन प्रसाद वैश्य और जनसुराज के भावी प्रत्याशी सह मुखिया संघ के जिलाध्यक्ष योगेंद्र सिंह उपस्थित थे. चौपाल में सवाल-जवाब का दौर शुरू होते ही सबसे पहला सवाल वर्तमान विधायक अरुण कुमार सिंह से लोगों ने पूछा कि आपके कार्यकाल में केवल उन क्षेत्रों का विकास हुआ, जहां से आपको वोट मिले. उन क्षेत्रों को आपने दरकिनार कर दिया, जहां से आपको मत नहीं मिले. इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि बिक्रमगंज का ही वीआइपी कॉलोनी है, जहां पर घुटने भर पानी बारिश में लग जाता था. यहां से पानी निकासी के लिए योजना हमने दी और यहां के लोग मुझे वोट नहीं करते हैं. ऐसा बिल्कुल नहीं है कि जहां से हमें वोट मिले हैं. मैं वहीं कार्य करा रहा हूं. मैं काराकाट का विधायक हूं और मेरी जिम्मेदारी इस क्षेत्र के हर गांव को विकसित बनाने की है. चौपाल से एक युवक ने उनसे सवाल पूछा अंजबित सिंह कॉलेज का छात्रावास कई वर्षों से बंद है. साथ ही अबतक युवाओं के लिए आपलोगों ने क्या किया? वर्तमान विधायक ने स्पष्ट रूप से छात्रावास के बारे में कहा कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है. वहीं, पूर्व विधायक से भी इस सवाल के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कॉलेज के छात्रावास के बारे में नहीं बताकर आंबेडकर छात्रावास के बारे में बताया और कहा कि उसकी शुरुआत मैंने करायी थी. युवाओं के लिए उनके पास विधानसभा में क्या प्लान है. इसपर भी उनका जवाब नहीं आया. इसके अलावा मंच पर बैठे अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी बहुत कुछ नहीं बोला. एक व्यक्ति ने खाद की कालाबाजारी और भ्रष्टाचार को लेकर वर्तमान विधायक और पूर्व विधायक से सवाल किया कि आप दोनों पिछले 33 वर्षों से काराकाट की राजनीति कर रहे हैं. लेकिन, किसानों के लिए आपने अबतक क्या कार्य किया है? यूरिया 400 रुपये में किसानों को दिया जा रहा है. इस संबंध में विधायक ने कहा कि यह सरकार में बैठे लोगों से सवाल पूछना चाहिए. हम, तो अक्सर इसका मुद्दा उठाते हैं. इसपर जवाब देते हुए पूर्व विधायक ने कहा कि यूरिया की पर्याप्त मात्रा जिले में उपलब्ध है. ऐसी कोई भी शिकायत है, तो दोषियों पर कार्रवाई की जायेगी. इस मुद्दे पर जनसुराज के भावी प्रत्याशी ने कहा कि जबतक जिला के खाद का आवंटन नहीं बढ़ेगा, तब तक किसानों को ऐसी समस्या होती रहेगी.

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