Rohtas News : रोहतास जिले में किसान अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक और नकदी फसलों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं. काराकाट प्रखंड के पांडे डिहरी गांव के प्रगतिशील किसान बलवंत सिंह ने साढ़े तीन एकड़ भूमि में काली मिर्च की खेती शुरू कर नई पहल की है. उनका मानना है कि आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञों की सलाह से किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफा हासिल कर सकते हैं.
सागवान, मोहागनी और नारियल के बाद अब काली मिर्च की खेती
बलवंत सिंह पहले ही 800 सागवान, 1600 मोहागनी, 100 नारियल और 50 कटहल के पौधे लगा चुके हैं. अब उन्होंने साढ़े तीन एकड़ भूमि में काली मिर्च की खेती शुरू कर जिले के किसानों के लिए नई मिसाल पेश की है. उनका कहना है कि वे कृषि विज्ञान केंद्र बिक्रमगंज जाकर कृषि वैज्ञानिकों से लगातार जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं और काराकाट की प्रखंड उद्यान पदाधिकारी मनीषा उपाध्याय के संपर्क में रहकर पौधरोपण एवं उर्वरक प्रबंधन की जानकारी लेते रहते हैं.
आधुनिक खेती की ओर बढ़ रहे जिले के किसान
रोहतास जिले में अब कई किसान धान और गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों के साथ-साथ दलहन, तिलहन, मछली पालन, मुर्गी पालन, बतख पालन और बागवानी को अपनाकर अपनी आय बढ़ा रहे हैं. संझौली के किसान अखिलेश सिंह मछली पालन और फलदार पौधों से, दिनारा के सुनील कुमार सिंह समेकित खेती से, राजपुर के विजय बहादुर सिंह आम के बगीचों से, बिक्रमगंज के करमैनी निवासी विजय सिंह नई प्रजाति के धान, गेहूं और मत्स्य पालन से तथा काराकाट के धर्मेंद्र पांडे सेब की खेती से अपनी अलग पहचान बना चुके हैं. वहीं लाल बाबू सिंह प्राकृतिक खेती के लिए पूरे जिले में प्रेरणास्रोत बन रहे हैं.
लतर के सहारे बढ़ता है काली मिर्च का पौधा
किसान बलवंत सिंह के अनुसार काली मिर्च का पौधा लतरदार होता है, जो किसी पेड़ या सहारे के साथ ऊपर चढ़कर बढ़ता है. फल तैयार होने पर दाने धीरे-धीरे नीचे गिरने लगते हैं. इसका गुच्छा मटर की फली जैसा दिखाई देता है, लेकिन खुला रहता है, जिससे काली मिर्च के दाने स्पष्ट नजर आते हैं.
उद्यान विभाग किसानों को दे रहा तकनीकी सहयोग
प्रखंड उद्यान पदाधिकारी मनीषा उपाध्याय ने बताया कि जो भी किसान आधुनिक बागवानी या मसाला फसलों की खेती करना चाहते हैं, उन्हें विभाग की ओर से पौधरोपण की विधि, पौधों की दूरी, उर्वरक प्रबंधन और अन्य तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है. उनका उद्देश्य किसानों को कम लागत में बेहतर उत्पादन और अधिक आय दिलाना है.
