प्रतिनिधि, चेनारी बिजली बिल से संबंधित या बिजली कनेक्शन काटने के नाम पर आने वाले फर्जी कॉल, मैसेज व लिंक से साइबर ठगी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. इसे लेकर विद्युत विभाग ने सभी बिजली उपभोक्ताओं से सतर्क रहने की अपील की है. विद्युत कनीय अभियंता राज कुमार ने स्पष्ट किया है कि विद्युत विभाग या बिजली कंपनी की ओर से भेजे जाने वाले किसी भी आधिकारिक एसएमएस में किसी पदाधिकारी या कर्मचारी का मोबाइल नंबर अंकित नहीं होता है. यदि किसी संदेश में मोबाइल नंबर दिया गया हो और उस पर संपर्क करने को कहा गया हो, तो वह संदेश फर्जी हो सकता है. उन्होंने बताया कि बिजली कंपनी द्वारा भेजे जाने वाले अधिकृत संदेशों में उपभोक्ता खाता संख्या व बकाया राशि का स्पष्ट विवरण होता है. इसके विपरीत फर्जी संदेशों में अक्सर बिजली काटने का समय लिखा रहता है, जबकि विभागीय संदेशों में कभी भी बिजली काटने का समय अंकित नहीं किया जाता. ऐसे संदेशों से उपभोक्ताओं को भ्रमित कर ठगी का शिकार बनाया जा रहा है. कुमार ने बताया कि साइबर अपराधी खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी या तकनीकी सहायक बताकर उपभोक्ताओं को कॉल करते हैं और सपोर्टिंग एप या रिमोट एक्सेस एप्लीकेशन डाउनलोड करने को कहते हैं. जैसे ही उपभोक्ता ऐसे एप डाउनलोड करते हैं, अपराधी मोबाइल पर नियंत्रण कर लेते हैं और बैंक खाता, यूपीआइ व अन्य माध्यमों से पैसे निकाल लेते हैं. उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें व किसी भी प्रकार का एप डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य कर लें. विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए केवल ””सुविधा एप”” व ””बिहार बिजली स्मार्ट मीटर एप”” ही अधिकृत हैं. इनके अलावा कोई भी अन्य सपोर्टिंग एप विभाग द्वारा मान्य नहीं है. रिचार्ज या भुगतान के लिए केवल विद्युत विभाग की अधिकृत वेबसाइट या भरोसेमंद ऑनलाइन माध्यम जैसे गूगल पे, पेटीएम व फोन पे का ही उपयोग करें. यदि किसी उपभोक्ता को बिजली कंपनी के नाम से कोई संदिग्ध कॉल या मैसेज प्राप्त होता है, तो वह तुरंत विभाग के संबंधित अधिकारी से संपर्क करें.उन्होंने बताया कि साइबर ठगी या संदिग्ध संदेश मिलने की स्थिति में साइबर क्राइम सेल के टोल फ्री नंबर 1930 अथवा 0612-2215142 पर शिकायत दर्ज करायी जा सकती है. अंत में विद्युत विभाग ने फिर से दोहराया कि उपभोक्ता जागरूक रहें, किसी भी फर्जी कॉल या मैसेज के झांसे में न आयें और अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखें. सतर्कता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है.
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