सासाराम में एनएसएस के 81वें सत्र की कार्यशाला शुरू, आय-व्यय से लेकर कर्ज और संपत्ति तक जुटेगा आंकड़ा

सासाराम में राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण पर तीन दिवसीय कार्यशाला शुरू। डीएम ने कहा कि सटीक आंकड़ों से ही प्रभावी सरकारी नीतियां और विकास योजनाएं बनाना संभव है।

सासाराम सदर. राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (एनएसएस) के 81वें सत्र के तहत स्थिति मूल्यांकन सर्वेक्षण (एसएएस) और अखिल भारतीय ऋण एवं निवेश सर्वेक्षण (एआईडीआईएस) को लेकर राज्य स्तरीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला गुरुवार से शुरू हुई. तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 10 से 12 सितंबर तक किया जाएगा. कार्यशाला का उद्घाटन जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा और अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय, बिहार के उप निदेशक महेश प्रसाद ने संयुक्त रूप से किया.

विश्वसनीय आंकड़ों से बनती हैं प्रभावी योजनाएं

इस दौरान डीएम ने कहा कि किसी भी सरकार के लिए प्रभावी योजना बनाने और नीतियों को जमीन पर उतारने में विश्वसनीय आंकड़ों की अहम भूमिका होती है. सही आंकड़ों के आधार पर ही समाज और अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सकता है.

सर्वेक्षण कर्मियों की जिम्मेदारी अहम

उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण कार्य में लगे पदाधिकारी और अन्वेषक सरकार और आम परिवारों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं. परिवारों से सही जानकारी हासिल करना, निर्धारित प्रक्रिया और मानकों का पालन करना तथा आंकड़ों की गोपनीयता बनाए रखना उनकी बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से सर्वेक्षण की तकनीकी और व्यावहारिक बारीकियों को गंभीरता से समझने की अपील की.

परिवारों की आय-व्यय और निवेश की जुटेगी जानकारी

उप निदेशक ने कहा कि राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़े नीति निर्माण, विकास योजनाओं और सरकारी कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन का आधार बनते हैं. इसलिए आंकड़ा संग्रहण में गुणवत्ता और निर्धारित मानकों का पालन जरूरी है.

सभी जिलों के पदाधिकारी और अन्वेषक ले रहे प्रशिक्षण

कार्यशाला में राज्य के सभी प्रमंडलों के उप निदेशक, सांख्यिकी, सभी जिलों के जिला सांख्यिकी पदाधिकारी और अन्वेषक हिस्सा ले रहे हैं. प्रतिभागियों को सर्वेक्षण की अवधारणा, उद्देश्य, नमूना चयन, क्षेत्रीय सर्वेक्षण और आंकड़ा संग्रहण की प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है. विभिन्न अनुसूचियों को सही तरीके से भरने और आंकड़ों की गुणवत्ता बनाए रखने का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

ऋणग्रस्तता और परिसंपत्तियों से जुड़े आंकड़े होंगे संकलित

स्थिति मूल्यांकन सर्वेक्षण के तहत परिवारों की आय-व्यय और निवेश से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई जाएगी. वहीं अखिल भारतीय ऋण एवं निवेश सर्वेक्षण में परिवारों की ऋणग्रस्तता और परिसंपत्तियों से संबंधित आंकड़े संकलित होंगे. इन आंकड़ों से देश और राज्य की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का बेहतर आकलन हो सकेगा.

सटीक और गुणवत्तापूर्ण आंकड़ा संग्रह पर जोर

कार्यशाला का आयोजन जिला सांख्यिकी पदाधिकारी प्रमोद कुमार के समन्वय और सहयोग से किया गया. इसका उद्देश्य सर्वेक्षण से जुड़े कर्मियों को प्रशिक्षित कर सटीक, विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण आंकड़ों का संग्रह सुनिश्चित करना है.

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By जितेंद्र कुमार पासवान

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