Rohtas News : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर गुरुवार को करगहर अंचल में जनसमस्याओं को लेकर पदयात्रा शुरू की गयी. अंचल सचिव महेंद्र प्रसाद गुप्ता के नेतृत्व में पदयात्रा का शुभारंभ सहुआर गांव से हुआ. पदयात्रा सहुआर से करगहर बाजार होते हुए प्रखंड एवं अंचल कार्यालय और सिरसिया तक पहुंची. इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, मजदूर, युवा और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए.
नुक्कड़ सभा में सरकार की नीतियों पर निशाना
करगहर बाजार में आयोजित नुक्कड़ सभा में भाकपा नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना की. नेताओं ने कहा कि आम लोगों की समस्याओं को लेकर पार्टी गांव-गांव पहुंचेगी और जनता के अधिकारों के लिए निर्णायक संघर्ष किया जायेगा. सभा के दौरान महंगाई, बेरोजगारी, अपराध और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया.
14 अगस्त तक गांव-गांव पहुंचेगी पदयात्रा
भाकपा नेताओं ने बताया कि राष्ट्रव्यापी पदयात्रा 6 अगस्त से 14 अगस्त 2026 तक पूरे करगहर अंचल में चलेगी. इस दौरान गांव-गांव जाकर आम लोगों की समस्याओं को सूचीबद्ध किया जायेगा. संबंधित विभागों के अधिकारियों के समक्ष समस्याओं को रखकर समाधान के लिए दबाव बनाया जायेगा. नेताओं ने कहा कि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो चरणबद्ध तरीके से जनआंदोलन शुरू किया जायेगा.
महंगाई और अपराध पर रोक लगाने की मांग
पदयात्रा के दौरान भाकपा ने लगातार बढ़ रही महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण लगाने और जिले में बढ़ते अपराध पर तत्काल रोक लगाने की मांग की. पार्टी नेताओं ने बेरोजगार युवाओं को सम्मानजनक रोजगार देने और भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग भी उठायी.
पेपर लीक के दोषियों की गिरफ्तारी और छात्रों की रिहाई की मांग
भाकपा ने पेपर लीक मामलों के सभी दोषियों को गिरफ्तार करने और गिरफ्तार छात्रों को तत्काल रिहा करने की मांग की. इसके अलावा आत्महत्या करने वाले पीड़ित छात्र-छात्राओं के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग भी रखी गयी.
किसानों और भूमिहीन परिवारों के मुद्दे भी उठाये
पदयात्रा में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी की कानूनी गारंटी देने की मांग की गयी. इसके साथ ही सभी लाल कार्डधारियों को दखल-कब्जा दिलाने और भूमिहीन परिवारों को पांच डिसमिल भूमि उपलब्ध कराने की मांग भी उठायी गयी.
सैकड़ों कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने लिया हिस्सा
पदयात्रा में जिला सचिव मंडल सदस्य भीम सिंह, जिला परिषद सदस्य रामचंद्र राम, रवि शंकर पासवान, जगनारायण गुप्ता, फेकू सेठ, वंशनारायण राम, गुप्तेश्वर राम, सुग्रीव राम, लाल मोहर भारती, महेंद्र प्रसाद, साहबजान अंसारी, श्रीराम राम, विश्वनाथ पासी, सिपाही राम, नमु राम, पिंटू राम, मदन राम, हीरामन राम, विनोद राम, रामदयाल राम, सूचित राम, टेगरी राम, बजरंगी पासवान, गोरी राम, हंसराज यादव, जय राम, अर्जुन राम, द्वारका राम, सत्येंद्र पासवान, दारा पासवान, धनजी पासवान, लालू राम, दुर्वाससी राम, निर्मल राम समेत सैकड़ों कार्यकर्ता और आमजन शामिल हुए.
