Sasaram News : मूसलाधार बारिश से झील में तब्दील हुईं सड़कें

नाला जाम रहने से पानी की नहीं हो रही निकासी, सब्जी मंडी, हनुमान मंदिर से एकता चौक तक आवागमन मुश्किल

डालमियानगर. प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार की देर रात से हो मूसलाधार बारिश रही है. इससे डालमियानगर का पूरा इलाका जलमग्न हो गया है. लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है. जलजमाव से डालमियानगर सब्जी मंडी, हनुमान मंदिर से एकता चौक तक मुख्य सड़क व आवासीय परिसर की गलियां तालाब में तब्दील हो गयी हैं. विद्यालय जाने के लिए बच्चे व कार्यालय जाने के लिए कर्मी सड़क पर पानी कम होने का इंतजार कर रहे थे. जलजमाव से सड़क पर आवागमन के दौरान कई वाहन बीच सड़क पर बंद हो गये. वाहन चालक कड़ी मशक्कत के बाद वाहन निकालने सके. कंपनी परिसर कॉलोनी के अंदर सड़क पर पानी प्रवेश करने से लोगों में अफरातफरी का माहौल था. कई लोग घरों में बारिश का पानी प्रवेश करने से आशंकित है. इधर, डालिमानगर खेल मैदान भी बारिश के पानी से भर गया. बारिश थमने के बाद मैदान पर पहुंचे कई खिलाड़ी पानी निकासी के लिए प्रयास किये. हनुमान मंदिर की सड़क पर घुटनों से अधिक जलजमाव के कारण कई महिला श्रद्धालु पूजा किये बगैर पूजा सामग्री के साथ वापस लौट गयीं. स्थानीय विनय बाबा, प्रफुल्ल श्रीवास्तव, उपेंद्र सिंह, शंकर श्रीवास्तव, शशि भगत ने बताया कि साफ-सफाई में कमी के कारण बारिश के दौरान जलजमाव से कॉलोनी परिसर व सड़क का हाल बुरा है. पानी व मिट्टी के जमाव से फिसलन के कारण कई बार महिलाएं एवं वृद्ध गिरकर घायल हो जाते हैं. पानी निकासी के लिए स्थायी समाधान नगर पर्षद द्वारा नहीं निकाला जा रहा है. अव्यावहारिक नाले का निर्माण: नगर पर्षद की ओर से नवनिर्मित कई नाले सड़कों से एक से दो फुट ऊपर बनाये गये हैं. सड़कों पर जमा बारिश का पानी नालों में नहीं जाने से जलजमाव की स्थिति बनी रहती है. वहीं, नाले से कचरा निकालने के बाद समय से उठाव नहीं किया जाता है. इससे बारिश का पानी सड़कों पर जमा होकर कीचड़ में तब्दील हो जाता है. इससे सड़क पर फिसलन बना रहता है. वहीं, कई जगह नालियां अव्यावहारिक रूप से बनने से नाले का पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पाता है. नाली भरने से पानी सड़क पर चला आता है. इससे जलजमाव की स्थिति बनी रहती है. अतिक्रमण जलजमाव का कारण जलजमाव का कारण एकता चौक व आसपास में सड़क पर अतिक्रमण कर अस्थायी दुकान लगाकर फल बेचने वाले दुकानदार हैं. सड़क पर अस्थायी दुकानें लगने से मुख्य मार्ग संकीर्ण होकर जाम की स्थिति बनी रहती है, तो वहीं हल्का छिलका व अपशिष्ट पदार्थ फेंकने से नाले में लगी जालियां जाम हो जाती हैं. फिर पानी निकलना बंद हो जाता है और जलजमाव की स्थिति बनी रहती है. वार्ड पार्षद द्वारा नाले की जालियों से अपशिष्ट पदार्थ को हटाया जाता है, तो नाला चालू होने से सड़क पर जलजमाव काम हो जाता है. कहते हैं वार्ड पार्षद वार्ड पार्षद वार्ड नंबर छह रितेश कुमार ने कहा कि एकता चौक के पास मुख्य नाले से अपशिष्ट पदार्थ को हटाया जा रहा है. बहुत जल्द सड़कों पर जलजमाव समाप्त हो जायेगा.

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Published by: Panchdev kumar

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