Rohtas News : नगर पंचायत में मंगलवार को आयोजित सामान्य बोर्ड की बैठक विकास योजनाओं को लेकर खींचतान के बीच संपन्न हुई. बैठक में योजनाओं की स्वीकृति को लेकर जनप्रतिनिधियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आए. 12 वार्ड पार्षद, मुख्य पार्षद और उपमुख्य पार्षद समेत कुल 14 प्रतिनिधियों में से 10 वार्ड पार्षदों की योजनाओं को बोर्ड में शामिल किए जाने की बात सामने आई. वहीं कुछ महत्वपूर्ण योजनाओं पर सहमति नहीं बनने से नगर पंचायत की राजनीति गरमा गई.
मुख्य पार्षद बोलीं- हर वार्ड के लिए समान सोच, फिर योजनाओं पर क्यों अड़ंगा?
मुख्य पार्षद ने कहा कि उनके लिए सभी वार्ड पार्षद समान हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार वार्ड संख्या 05 और 12 के पार्षदों के साथ-साथ मुख्य पार्षद और उपमुख्य पार्षद की योजनाओं को बहुमत नहीं मिलने के कारण खारिज कर दिया जाता है. उन्होंने इसे योजनाओं की जानबूझकर अनदेखी बताया.
मुख्य पार्षद ने वार्ड संख्या आठ की पार्षद मतरमाला देवी पर बैठक के दौरान बदतमीजी करने का भी आरोप लगाया. उनका कहना है कि उन्हें कहा गया कि उनकी कोई योजना नहीं ली जाएगी और उन्हें सदन से चले जाने को कहा गया. मुख्य पार्षद के अनुसार, उनके द्वारा लिखित रूप से दी गयी दो महत्वपूर्ण योजनाओं को भी बहुमत के आधार पर स्वीकृति नहीं मिली.
श्मशान घाट के लिए जमीन मिली, लेकिन रास्ते की योजना पर फंसा पेच
बैठक में गोड़ारी क्षेत्र के प्रमुख मुद्दों में शामिल श्मशान घाट का मामला भी उठा. उपमुख्य पार्षद रविश रंजन ने बताया कि श्मशान घाट के लिए जमीन चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ी है, लेकिन वहां तक पहुंचने वाले रास्ते की योजना को स्वीकृति नहीं मिल सकी.
उन्होंने कहा कि गोड़ारी के पांच वार्डों से जुड़े इस महत्वपूर्ण सार्वजनिक मुद्दे पर वार्ड संख्या 07, 08, 09 और 10 के पार्षदों की सहमति नहीं मिलना आश्चर्यजनक है. उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से सार्वजनिक समस्या पर भी सहमति नहीं बन पा रही है.
उपमुख्य पार्षद ने बताया कि श्मशान घाट के लिए खाता संख्या 400 और खेसरा संख्या 1105 में जमीन का चयन किया गया है. आगे की कार्रवाई के लिए प्रस्ताव अंचलाधिकारी रितेश कुमार को भेजा गया है.
गरीबों पर होल्डिंग टैक्स का बोझ क्यों? पार्षद ने उठाया सवाल
सामान्य बोर्ड की बैठक में वार्ड संख्या 03 के पार्षद सुरेश माली ने गरीब परिवारों पर पड़ रहे होल्डिंग टैक्स के बोझ का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि जब ऑटो, टेंपो और सैरात से जुड़े टैक्स में छूट या माफी की बात की जा रही है, तो गरीब परिवारों से होल्डिंग टैक्स क्यों लिया जा रहा है.
उन्होंने गरीब परिवारों को राहत देते हुए होल्डिंग टैक्स माफ करने की मांग की.
आपसी खींचतान में विकास फंसने की आशंका
बैठक में योजनाओं की स्वीकृति, श्मशान घाट, सड़क और होल्डिंग टैक्स जैसे मुद्दों पर मतभेद सामने आने के बाद नगर पंचायत की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं. जनप्रतिनिधियों के बीच आपसी सहमति नहीं बनने से विकास योजनाओं के प्रभावित होने की आशंका है. यदि राजनीतिक खींचतान इसी तरह जारी रही तो नगर पंचायत क्षेत्र के विकास कार्यों की रफ्तार प्रभावित हो सकती है और इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ने की संभावना है.
