Rohtas News : असम की धरती पर लोकआस्था के महापर्व छठ की भक्ति और बिहार की सांस्कृतिक विरासत की अनूठी झलक देखने को मिली. गुवाहाटी स्थित श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में आयोजित सीसीआरटी (सेंटर फॉर कल्चरल रिसोर्सेज एंड ट्रेनिंग) के 517वें राष्ट्रीय अनुस्थापन पाठ्यक्रम के दौरान रोहतास जिले के छह शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बिहार टीम के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार छठ महापर्व का आयोजन किया. इस सांस्कृतिक प्रस्तुति ने देशभर से आए प्रतिभागियों का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें बिहार की समृद्ध लोकसंस्कृति, आस्था और परंपराओं से रूबरू कराया.
22 जुलाई से 11 अगस्त तक चल रहा राष्ट्रीय प्रशिक्षण
गुवाहाटी में 22 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक आयोजित राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से चयनित शिक्षक भाग ले रहे हैं. प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को भारतीय कला, संस्कृति, लोक परंपराओं और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों से जोड़ना है, ताकि वे इन अनुभवों को अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचा सकें.
रोहतास के छह शिक्षकों का हुआ चयन
राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), महेंद्र, पटना के निर्देश पर रोहतास जिले के छह शिक्षक-शिक्षिकाओं का चयन इस प्रतिष्ठित प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए किया गया है. परिषद के पत्रांक CCRT/13011/1/2026/765 दिनांक 6 मई 2026 के आलोक में जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को चयनित शिक्षकों को समय पर प्रशिक्षण के लिए विरमित करने का निर्देश दिया गया था.
ये शिक्षक कर रहे हैं बिहार का प्रतिनिधित्व
प्रशिक्षण में रोहतास जिले से उच्च माध्यमिक विद्यालय कदवा (नोखा) की सोनी वर्षा, संत शिवानंद एकेडमी प्लस-टू विद्यालय (सासाराम) के जय नाथ शर्मा, प्रोजेक्ट बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय (नासरीगंज) के आलोक राज, उत्क्रमित उच्च विद्यालय रकसियां (मोकर) के सोनू कुमार, उत्क्रमित मध्य विद्यालय लहुआरा के रामविलास चेरो तथा उच्च माध्यमिक विद्यालय तेलकप के सोनू कुमार भाग ले रहे हैं.
विद्यालयों में नवाचार आधारित शिक्षा का मिलेगा लाभ
प्रतिभागी शिक्षकों ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें भारतीय कला, संस्कृति, लोक परंपराओं और आधुनिक शिक्षण तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव मिल रहा है. इससे विद्यालय लौटने के बाद वे विद्यार्थियों को अधिक रचनात्मक, नवाचार आधारित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करा सकेंगे. रोहतास के शिक्षकों की इस उपलब्धि से जिले के शिक्षा जगत में खुशी का माहौल है और इसे बिहार के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है.
