रोहतास जिले के दिनारा प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों में बिना टीएचआर (टेक होम राशन) वितरण सरकारी राशि के कथित गबन मामले में प्रमंडलीय आयुक्त, पटना प्रमंडल ने अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने और अधूरी रिपोर्ट पेश किए जाने पर आयुक्त ने जिलाधिकारी के माध्यम से अद्यतन जांच प्रतिवेदन तलब किया है.
अधूरी रिपोर्ट पर अधिकारियों को लगी फटकार
सुनवाई के दौरान जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, आईसीडीएस ने बताया कि बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, दिनारा की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों से पोषाहार मद की राशि की वसूली कर ली गई है. हालांकि प्रमंडलीय आयुक्त ने पाया कि प्रस्तुत रिपोर्ट शिकायत के मूल बिंदुओं का स्पष्ट जवाब नहीं देती और संबंधित अधिकारी मामले पर संतोषजनक स्थिति स्पष्ट करने में विफल रहे.
शिकायतकर्ता ने लगाया था गबन का आरोप
सरेयां गांव निवासी आरटीआई कार्यकर्ता चौधरी चरण सिंह ने परिवाद दायर कर आरोप लगाया है कि बिना टीएचआर वितरण किए ही सरकारी राशि का गबन किया गया, लेकिन अब तक दोषियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई. मामले को लेकर उन्होंने लगातार न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से कार्रवाई की मांग की है.
27 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
प्रथम अपीलीय प्राधिकारी ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, आईसीडीएस को निर्देश दिया है कि अनुमंडल पदाधिकारी, बिक्रमगंज की जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से अद्यतन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए. साथ ही 27 जुलाई को पूर्वाह्न 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होने वाली सुनवाई में उपस्थित रहने का निर्देश भी दिया गया है.
मामले को दबाने के आरोप भी लगे
गौरतलब है कि इस मामले में 10 जून और 8 जुलाई को भी सुनवाई हो चुकी है, लेकिन शिकायत के सभी बिंदुओं पर अब तक स्पष्ट और पूर्ण रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है. शिकायतकर्ता चौधरी चरण सिंह का आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत से मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए वे हर स्तर तक लड़ाई जारी रखेंगे.
