जीविका दीदियों की शिकायत पर एसडीएम ने दिया जांच का आदेश

पात्र होते हुए भी समूह में शामिल नहीं करने और अवैध वसूली का लगाया आरोप

जांच में दोषी पाए गए तो होगी कड़ी कार्रवाई

मसंझौली. चैता बहोरी गांव में सोमवार की शाम पहुंचे अनुमंडल पदाधिकारी प्रभात कुमार ने जीविका दीदियों की समस्याएं सुनीं. दर्जनों की संख्या में मौजूद दीदियों ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानीय कर्मियों द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से वंचित रखा जा रहा है. दीदियों का कहना था कि पात्र होने के बावजूद उन्हें समूह में शामिल नहीं किया जा रहा है. इस संबंध में कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई. आरोप यह भी लगाया कि स्थानीय समूह समन्वयक अवैध वसूली कर रहे हैं. शिकायत सुनने के बाद एसडीएम ने तत्काल जांच का आदेश दिया और सभी पात्र दीदियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी पायी गयी, तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी.

बीपीएम का बयान

जीविका के बीपीएम रंजीत कुमार ने बताया कि मंगलवार की बैठक में मात्र 10 महिलाओं का नाम समूह में नहीं जोड़ा गया है. नियम के अनुसार प्रत्येक परिवार से एक महिला को ही जीविका में जोड़ा जाता है. जिनका पति नौकरी में है या इनकम टैक्स देते हैं, वैसी महिलाओं का नाम शामिल नहीं किया जायेगा. उन्होंने कहा कि यदि कोई कर्मी नाम जोड़ने के लिए राशि की मांग करता है, तो शिकायत मिलने पर उसकी नौकरी भी जा सकती है.

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Published by: Anurag sharan

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