फोटो-3- विरोध मार्च के दौरान शामिल प्रतिनिधि, चेनारी रविवार को नगर पंचायत चेनारी के इंदिरा चौक से प्रखंड मुख्यालय के समीप स्थित सीपीआइ-एमएल कार्यालय तक भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लेनिनवादी और अखिल भारतीय खेत मजदूर किसान सभा के संयुक्त तत्वावधान में धरना-प्रदर्शन किया गया. इसमें बड़ी संख्या में महिला व पुरुष कार्यकर्ता लाल झंडा और बैनर के साथ शामिल हुए. कार्यकर्ता शहर के विभिन्न चौक-चौराहों से होते हुए प्रखंड मुख्यालय पहुंचे, जहां पुलिस-प्रशासन पर सामंती तत्वों से गठजोड़ के आरोप लगाते हुए नारेबाजी की गयी. वक्ताओं ने कहा कि बिहार सरकार भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में विफल है. जिला अधिकारी के आदेशों को कनीय पदाधिकारी तक नहीं मानते हैं और बिना घूस कोई काम नहीं होता है. अंचल कार्यालय में परिमार्जन जैसे कार्य भी घूस के बिना नहीं हो रहे हैं. वक्ताओं ने दमनकारी कानूनों, प्रशासनिक दमन और बुलडोजर राज के सहारे असहमति की आवाज दबाने का आरोप लगाया. उन्होंने मनरेगा की जगह लाये गये बीबी जी रामजी कानून को वापस लेने, आठ घंटे का कार्य दिवस, जीविका योग्य न्यूनतम मजदूरी, गरीबों को पांच डिसमिल जमीन देने, बंदोबस्ती पर्चा की जमीन पर दखल दिलाने, किसानों से किये गये वादे पूरे करने और बिना मुकदमे जेल में बंद सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों व पत्रकारों की रिहाई की मांग की. प्रदर्शन अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला प्रभारी जय विजय तिवारी के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल रहे.
भ्रष्टाचार के खिलाफ सीपीआइ एमएल का धरना-प्रदर्शन
रविवार को नगर पंचायत चेनारी के इंदिरा चौक से प्रखंड मुख्यालय के समीप स्थित सीपीआइ-एमएल कार्यालय तक भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लेनिनवादी और अखिल भारतीय खेत मजदूर किसान सभा के संयुक्त तत्वावधान में धरना-प्रदर्शन किया गया
