निगम क्षेत्र के वार्ड एक का नल जल मोटर जली, 17 दिन से 5000 आबादी परेशान

इस भीषण गर्मी में नगर निगम का पेयजल सप्लाइ सिस्टम भी दम तोड़ने लगा है. शहर के वार्ड नंबर एक में 17 दिन से नल जल योजना के तहत डायरेक्ट सप्लाइ के लिए लगा बोरिंग का मोटर जल गया है.

छपरा. इस भीषण गर्मी में नगर निगम का पेयजल सप्लाइ सिस्टम भी दम तोड़ने लगा है. शहर के वार्ड नंबर एक में 17 दिन से नल जल योजना के तहत डायरेक्ट सप्लाइ के लिए लगा बोरिंग का मोटर जल गया है. इस वार्ड के 5000 से अधिक आबादी के पास नल जल योजना का पानी नहीं पहुंच पा रहा है. वार्ड में पानी के लिए त्राहि त्राहि मचा हुआ है. इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रोज सुबह और शाम में लोग पानी के लिए नल जल योजना के तहत वार्ड में जहां-तहां लगाए गए नल के पास अपनी बाल्टी और डब्बे को लेकर घंटे खड़े रहते हैं, लेकिन पानी की एक बूंद भी नहीं आती. निराश होकर आसपास के घरों में लगे चापाकल से पानी लेकर काम चला रहे हैं. स्थानीय वार्ड आयुक्त ने अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई लेकिन अधिकारी है की सुनने को तैयार नहीं है. महापौर को भी आवेदन देकर गुहार लगाया गया है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

वार्ड के आधा दर्जन मोहल्ले में पानी सप्लाइ ठप्प : मोटर जलने का असर ऐसा हुआ है कि इस वार्ड के आधा दर्जन मोहल्ले में पेयजल आपूर्ति सिस्टम ठप पड़ा हुआ है. स्थानीय लोगों ने बताया कि अजायब गंज, नया बस्ती, न्यू कॉलोनी, नबी मोहम्मद कॉलोनी में लगभग 1000 से अधिक परिवार को पानी का अकाल पड़ा हुआ है. इसके अलावा इस बोरिंग से आसपास के कई और वार्ड में भी पानी जाता है उन जगहों पर भी अब परेशानी उत्पन्न होने लगी है.

वैकल्पिक व्यवस्था को भी नगर निगम ने बंद कर दिया : वार्ड आयुक्त की गुहार पर नगर निगम की ओर से पानी का टैंकर भेजा जा रहा था. यह नाकाफी साबित हो रहा था. लेकिन हद तो या हो गयी की नगर निगम ने इसे भी बंद कर दिया है. अब लोग नगर निगम के खिलाफ आंदोलन करने का मूड बना रहे हैं यह स्थिति कभी भी भयंकर रूप ले सकती है. ऐसे में नगर निगम को पहले ही चेत जाना चाहिए और अभिलंब जले हुए मोटर की जगह नया मोटर लगवाना चाहिए ताकि 5000 की आबादी को एक बार फिर से पेयजल की आपूर्ति बहाल हो सके.

क्या बोले लोग

इस भयंकर गर्मी में मोटर का जल जाना और 17 दिन से इस पर कोई संज्ञान नहीं लेना यह नगर निगम के कार्यशाली को दर्शाता है.

सलमान मियां

यही स्थिति रही तो हम लोग पानी के बिना ही मर जायेंगे. नगर निगम के अधिकारी कहां सोए हुए हैं यह पता ही नहीं है.

बिरेंद्र राय

अगर जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं की जाती है, तो आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा जिसके लिए नगर निगम जिम्मेदार होगा.

सुनील शाह

जिस तरह से नगर निगम अपनी कार्यशाली को दर्शा रहा है ऐसे में लगता है कि अब बिना आंदोलन के कोई भी समस्या हल नहीं होगा.

कलाम खान

खाना बनाने से लेकर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए नाश्ता बनाने तक के लिए पानी नहीं मिल रहा है.

संगीता देवी

पानी के बिना सभी घरेलू कार्य बाधित है पता नहीं कब नगर निगम के अधिकारियों को होश आएगा और पानी सप्लाई ठीक करेंगे.

गुड़िया देवी

17 दिन से पेयजल आपूर्ति बाधित है और आज तक इसे ठीक नहीं कराया गया. पानी पर आधारित सभी कार्य बाधित है.

नूरजहां खातून

जब शहर में यह हाल है तो ग्रामीण क्षेत्र की स्थिति कैसी होगी इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है.

कोरेशा खातून

क्या बोली वार्ड आयुक्त

नगर आयुक्त से लेकर जिलाधिकारी तक को पत्र दे चुकी हूं लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं किया गया है. वार्ड के लोग आंदोलन पर उतारू है.

रेशमा खातून, वार्ड आयुक्त

क्या कहते हैं महापौर

मुझे जानकारी मिली है. मैंने नगर आयुक्त जल्द से जल्द कार्रवाई करने का आदेश दिया है. वैकल्पिक व्यवस्था भी की जा रही है.

लक्ष्मी नारायण गुप्ता, महापौर

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Published by: Amlesh prasad

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