Saran News: सहाजीतपुर थाना क्षेत्र के छपिया गांव में चोरों ने एक बंद घर को निशाना बनाकर लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण समेत जमीन के महत्वपूर्ण कागजात चोरी कर लिए. परिवार के सदस्य घर में ताला लगाकर नासिक, महाराष्ट्र गए हुए थे. इसी दौरान चोरों ने घर के पीछे आंगन में बने वेंटिलेटर को तोड़कर अंदर प्रवेश किया और कमरों के ताले तोड़कर अलमारी और बक्सों को खंगाल डाला.
घटना का खुलासा तब हुआ, जब गृहस्वामी नासिक से वापस लौटे. घर के अंदर सामान बिखरा पड़ा देखकर उन्हें चोरी की जानकारी हुई. मामले में पीड़ित गृहस्वामी प्रमोद कुमार ने सहाजीतपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है. पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है.
वेंटिलेटर तोड़कर घर में घुसे चोर
प्राथमिकी में प्रमोद कुमार ने बताया है कि गत 5 मई को वे पूरे परिवार के साथ घर में ताला लगाकर नासिक, महाराष्ट्र चले गए थे. 8 अगस्त 2026 को जब वे घर लौटे और मुख्य दरवाजा खोलकर अंदर प्रवेश किया, तो घर का सामान यत्र-तत्र बिखरा पड़ा था.
जांच करने पर पता चला कि घर के अलग-अलग कमरों के ताले टूटे हुए थे. अलमारी और बक्सों को खंगाला गया था. घर के पीछे आंगन में बने वेंटिलेटर को तोड़कर चोरों के घर में प्रवेश करने की आशंका जताई गई है.
पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की अनुसंधान शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही घटना का उद्भेदन करने का प्रयास किया जा रहा है.
सोने-चांदी के आभूषण समेत कई सामान चोरी
पीड़ित के अनुसार चोरी गए सामानों में दो जोड़ी सोने के झुमके, एक जोड़ी सोने की बाली और सोने की नथिया शामिल हैं. इसके अलावा चांदी का डरकस, हाथ का ब्रेसलेट, चांदी की चाबी रिंग और दोनों पैरों की चांदी की पायल भी चोर ले गए.
घर में रखा पानी का मोटर, पीतल और स्टील के बर्तन समेत अन्य सामान भी चोरी होने की बात सामने आई है. चोरी गए सामानों की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है.
जमीन के असली कागजात वाली पेटी भी गायब
चोरी की घटना में सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आई है कि घर में रखी एक पेटी भी गायब है. पीड़ित के अनुसार इस पेटी में जमीन के असली कागजात और कुछ जरूरी प्राप्ति रसीदें रखी हुई थीं.
जमीन के महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी होने से पीड़ित परिवार की चिंता और बढ़ गई है. पीड़ित ने पुलिस से घटना का जल्द खुलासा करने के साथ चोरी गए आभूषण, अन्य सामान और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बरामदगी की मांग की है.
