Saran News : जनक यादव बालिका उच्च विद्यालय में एक साल से लटका है ताला, नामांकित 575 छात्राओं के भविष्य पर संकट

Saran News : छपरा शहर का चर्चित वित्त रहित जनक यादव बालिका उच्च विद्यालय इन दिनों सुर्खियों में है. चर्चा का कारण यह है कि पिछले एक वर्ष से स्कूल में ताला लटका हुआ है.

छपरा. छपरा शहर का चर्चित वित्त रहित जनक यादव बालिका उच्च विद्यालय इन दिनों सुर्खियों में है. चर्चा का कारण यह है कि पिछले एक वर्ष से स्कूल में ताला लटका हुआ है. न तो प्राचार्या का कोई अता-पता है और न ही पठन-पाठन की कोई व्यवस्था. विद्यालय में कार्यरत लगभग 15 शिक्षक और कर्मचारी वर्ष 2013 से ही वेतन के लिए त्राही-त्राही कर रहे हैं. शिक्षकों ने जिले के वरीय अधिकारियों से गुहार लगायी है और अपनी आपबीती साझा की है.

शिक्षकों का आरोप-प्राचार्या के आने के बाद बंद हुआ वेतन

शिक्षकों का कहना है कि वर्ष 1987 में उनकी नियुक्ति हुई थी और वे एक परिवार की तरह विद्यालय का संचालन करते आ रहे थे. वर्ष 2013 तक अनुदान के रूप में जो राशि मिलती थी, उसी से वेतन मिलता रहा. शिक्षक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि जब से प्राचार्या के रूप में कुमारी राधा शुक्ला ने पदभार संभाला, सभी कर्मचारियों का वेतन बंद कर दिया गया. वेतन मांगने पर उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है. शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि पोषक क्षेत्र की छात्राओं से नामांकन शुल्क, परीक्षा शुल्क और अन्य शुल्क मनमर्जी से वसूला जाता है. स्थानीय अभिभावकों ने कई बार इसका विरोध किया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ. यहां तक की छात्राओं के प्रमाण पत्र और अंक पत्र भी जानबूझकर रोक दिये गये हैं.

चार अप्रैल 2024 से विद्यालय पर लटका है ताला, बंद है शिक्षण कार्य

चार अप्रैल 2024 से विद्यालय में ताला बंद है और प्राचार्या भी लापता हैं. जो अभिभावक अपने बच्चों के नामांकन के लिए आते हैं, उन्हें निराश लौटना पड़ता है. विद्यालय में 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर भी कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया, न ही झंडोत्तोलन हुआ. वर्ष 2023 में लगभग 575 छात्राओं का नामांकन हुआ था, लेकिन उन्हें भी पठन-पाठन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. शिक्षकों के अनुसार, वर्ष 2015 से 2021 तक विद्यालय को अनुदान मद में लगभग 27 लाख रुपये प्राप्त हुए, लेकिन उसका कोई सार्वजनिक हिसाब नहीं दिया गया. किसी भी शिक्षक या कर्मी को एक भी रुपया नहीं मिला. शिक्षकों ने बताया कि अनुदान राशि बिहार बोर्ड से इलाहाबाद बैंक के खाते में आती है. उन्होंने प्राचार्या के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

स्कूल का कोड पहले रद्द हुआ, फिर बहाल

बिहार बोर्ड ने विद्यालय के संचालन में अनियमितताओं के कारण उसका कोड रद्द कर दिया था, लेकिन अभिभावकों और स्थानीय अधिकारियों के हस्तक्षेप से कोड फिर से बहाल हो गया. हालांकि, कोड मिलने के बावजूद अभी तक विद्यालय नहीं खुला है और ना ही छात्रों का नामांकन शुरू हो पाया है. शिकायत पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों में नासरीन खातून, अहिल्या कुमारी, अनिल कुमार सिंह, चंद्रावती देवी, मनोरंजन कुमार सिंह, सविता कुमारी, शोभा कुमारी, संतोष कुमार, वार्ड आयुक्त संतोष कुमार, राजू उपाध्याय समेत अन्य लोग शामिल हैं.

कोई गबन नहीं हुआ है, जल्द खुलेगा विद्यालय

स्कूल का कोड रद्द हो गया था और मेरे पति की तबियत बहुत खराब है, इसलिए मैं अस्पताल में थी. 14-15 तारीख से स्कूल फिर से खुलेगा. किसी तरह का कोई गबन नहीं किया गया है. सारे आरोप गलत हैं. स्कूल खुलने के बाद सभी सवालों का जवाब दे दिया जायेगा.

राधा शुक्ला

प्राचार्या, जनक यादव बालिका उवि, छपरा

शिकायत मिलने पर होगी जांच

यह शिकायत अभी तक मुझे प्राप्त नहीं हुई है. जैसे ही शिकायत मिलेगी, पूरे मामले की जांच की जायेगी और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी. ग्रीष्मावकाश के बाद स्कूल खुलते ही जांच शुरू की जायेगी.

विद्यानंद ठाकुर

जिला शिक्षा पदाधिकारी, सारण

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By Alok kumar

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