Saran News : रक्षाबंधन को लेकर राखी का सजा बाजार, लेकिन ऑनलाइन खरीदारी से परंपरागत बाजार प्रभावित

Saran News : राखी के पर्व को लेकर बाजारों में तैयारियां शुरू हो गयी हैं. फुटपाथों पर भी दुकानों की कतारें लग चुकी हैं, लेकिन इस बार व्यापारियों का उत्साह फीका नजर आ रहा है.

छपरा. राखी के पर्व को लेकर बाजारों में तैयारियां शुरू हो गयी हैं. फुटपाथों पर भी दुकानों की कतारें लग चुकी हैं, लेकिन इस बार व्यापारियों का उत्साह फीका नजर आ रहा है. गुरुवार को सरकारी बाजार क्षेत्र में बाढ़ का पानी घुस जाने से व्यवसाय प्रभावित हुआ, जिससे दुकानदार मायूस दिखे. इस बार दुकानदारों ने बेहद सीमित रेंज में ही डिजाइनर राखिया मंगायी हैं. कुछ दुकानदारों ने स्थानीय स्तर पर बनी हैंडमेड राखियां भी अपनी दुकानों पर सजायी हैं. बावजूद इसके, खरीदारों की भीड़ पहले जैसी नहीं दिखायी दे रही. दुकानदारों का कहना है कि बीते कुछ वर्षों में ऑनलाइन खरीदारी ने बाजार को बुरी तरह प्रभावित किया है. शहर के सरकारी बाजार में स्थित कई थोक व्यापारी, जो पर्व-त्योहारों के समय फुटपाथी दुकानदारों को माल सप्लाई करते हैं, इस बार कम पूंजी में ही ऑर्डर देने को मजबूर हैं. थोक व्यापारी महेश और पर्वत ने बताया कि पहले वे चार से पांच लाख रुपये की पूंजी लगाते थे, लेकिन अब एक से डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा का ऑर्डर देने में भी डर लगता है. अब शहर की थोक मंडियों में ग्रामीण क्षेत्रों से खुदरा व्यापारी नहीं आ रहे हैं. पटना और उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों के सप्लायर्स सीधे ग्रामीण दुकानदारों से संपर्क कर रहे हैं और वहीं पर माल सप्लाई कर रहे हैं. इसके अलावा, सप्लायर्स अब क्रेडिट पर सामान देने में भी सावधानी बरत रहे हैं. पहले जहां वे केवल 20-30% एडवांस लेकर माल भेज देते थे, अब 50-60% पूंजी पहले ही जमा करवा रहे हैं. ऑनलाइन राखी खरीदने पर ग्राहकों को न केवल विविध रेंज मिल रही है, बल्कि 15 से 20 प्रतिशत तक की छूट भी मिल रही है. डिजाइन और पैकेजिंग भी आकर्षक है, जिससे ग्राहक ऑनलाइन विकल्प की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं. इसके अलावा, शहर के प्रमुख शॉपिंग मार्ट्स में भी राखियों पर आकर्षक ऑफर दिये जा रहे हैं. कई मार्ट में ₹500 से अधिक की खरीदारी पर ग्राहकों को 4-5 राखियां गिफ्ट में दी जा रही हैं. फुटपाथी दुकानदारों के पास ₹20 से ₹100 तक की राखियां उपलब्ध हैं. भले ही इनकी डिजाइनिंग थोड़ी कमजोर हो, लेकिन आम ग्राहक अभी भी यहां से खरीदारी करना पसंद करते हैं। हालांकि, बारिश और बाढ़ के कारण इन दुकानों की बिक्री पर भी असर पड़ा है.

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