Chapra News : शेरपुर बाजार में बिजली का झुका पोल दे रहा हादसे को न्योता, डर के साये में जी रहे ग्रामीण

जिला मुख्यालय छपरा से महज छह किलोमीटर पूरब, छपरा-पटना मुख्य मार्ग स्थित शेरपुर गांव के बाजार में 33 हजार वोल्ट की हाइटेंशन लाइन से जुड़े दो लोहे के पोल पिछले कई महीनों से करीब 45 डिग्री तक झुके हुए हैं.

डोरीगंज/छपरा. जिला मुख्यालय छपरा से महज छह किलोमीटर पूरब, छपरा-पटना मुख्य मार्ग स्थित शेरपुर गांव के बाजार में 33 हजार वोल्ट की हाइटेंशन लाइन से जुड़े दो लोहे के पोल पिछले कई महीनों से करीब 45 डिग्री तक झुके हुए हैं. इन पोलों के ठीक नीचे दुकानों की लंबी कतारें हैं और पास से ही राहगीरों की नियमित आवाजाही होती है. स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. इसके बावजूद न बिजली विभाग और न ही जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई संज्ञान लिया गया है. गुरुवार की दोपहर दुकानदारों एवं स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा और सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आये. उन्होंने प्रशासन व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

ग्रामीणों ने कहा-अगर हादसा हुआ, तो जिम्मेदार कौन

ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र इन खतरनाक पोलों की मरम्मत नहीं करायी गयी और कोई अनहोनी हुई, तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी बिजली विभाग और जिला प्रशासन की होगी. स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई में और देरी हुई तो वे बाध्य होकर सड़क जाम और उग्र आंदोलन करेंगे. इस संबंध में चाय दुकानदार अजय सिंह ने बताया कि मेरी दुकान ठीक उसी पोल के नीचे है. हर दिन डर लगा रहता है कि कब पोल गिरे और सब कुछ खत्म हो जाये. कपड़ा व्यवसायी असद इमाम ने कहा कि ऊपर से हाइटेंशन तार और नीचे ग्राहक आते जाते रहते हैं. पोल कभी भी गिर सकता है. यह सीधे हमारी जान से खिलवाड़ है. वहीं मेडिकल दुकानदार सुधांशु चौरसिया ने कहा कि फोटो भेजे, फोन किये गये. यहां तक कि खबरें छपीं लेकिन कोई असर नहीं पड़ा. अगर किसी की जान गयी तो जिम्मेदारी कौन लेगा.

पांच जून को कार्यपालक अभियंता भेजी गयी थी पोल की तस्वीरें

स्थानीय नागरिक विनोद श्रीवास्तव और राजा कुमार ने विभागीय लापरवाही को शर्मनाक बताया. उन्होंने कहा कि अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई तो अगला कदम सड़क जाम और बड़ा प्रदर्शन होगा. गौरतलब हो कि पांच जून को विभाग के कार्यपालक अभियंता को व्हाट्सएप पर झुके हुए पोलों की तस्वीरें भेजी गयी थीं, जिस पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन मिला था, लेकिन दो महीने बीतने के बाद भी पोल जस का तस बना हुआ है. जब दोबारा संपर्क की कोशिश की गयी तो अधिकारी ने फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझा. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप कर इन झुके हुए पोलों की मरम्मत सुनिश्चित कराने की मांग की है ताकि संभावित हादसे को रोका जा सके. लोगों का कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए.

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Published by: Alok kumar

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