नदियों के घाटों पर प्रशासन ने करायी बैरिकेडिंग, मेडिकल टीम की भी हुई तैनाती

आस्था और विश्वास का छठ घाट रविवार की शाम सज-धज कर तैयार हो गया.

छपरा. आस्था और विश्वास का छठ घाट रविवार की शाम सज-धज कर तैयार हो गया. छठ महापर्व के मद्देनजर जिलाधिकारी अमन समीर एवं पुलिस अधीक्षक सारण डॉ कुमार आशीष ने संयुक्त रूप से सदर अनुमंडल के डोरीगंज तथा गड़खा थानांतर्गत तिवारी घाट, बंगाली बाबा घाट एवं गड़खा सूर्य मंदिर घाट सहित विभिन्न छठ घाटों का स्थलीय निरीक्षण किया. इस दौरान घाट की साफ-सफाई, रोशनी की व्यवस्था, बैरिकेडिंग एवं गोताखोरों की तैनाती को लेकर संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये गये. निरीक्षण के दौरान संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष उपस्थित रहे.शहर में भारी वाहनों की एंट्री पर रोक पहले व दूसरे अर्घ्य के दौरान घाटों व उनसे जुड़ी सड़कों पर जाम की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए सभी थानाध्यक्षों को पार्किंग की व्यवस्था करने से लेकर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने का आदेश दिया गया है. शहर के पूरब में भिखारी ठाकुर चौक और पश्चिम से दारोगा राय चौक पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. इसके अतिरिक्त, बरहमपुर, मुकरेड़ा और उम्दा से भी भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा. जिला परिवहन पदाधिकारी ने पूरे शहर में छह जगहों पर यातायात पुलिस पदाधिकारी को तैनात किया है ताकि जाम की स्थिति उत्पन्न न हो.

खतरनाक घाटों पर विशेष निगरानी

जिले के खतरनाक नदी घाटों की पहचान कर वहाँ बैरिकेडिंग की गयी है. डूबने वाले स्थानों पर लाल झंडा लगाया गया है और इन जगहों पर विशेष सुरक्षा के इंतजाम किये गये हैं. निगरानी के लिए चौकीदारों व पुलिस कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है. ये कर्मी खतरनाक घाटों पर छठव्रतियों को जाने से रोकेंगे. इसके अलावा, स्वयंसेवकों को भी वर्दी में तैनात किया गया है. नदियों व तालाबों के खतरनाक चिह्नित घाटों पर देशी व निजी नाव चालकों के अलावा मोटर बोट, गोताखोर, लाइफ जैकेट आदि उपलब्ध करा दिए गए हैं. नदी में डूबने की घटना से निपटने के लिए महाजाल की व्यवस्था पहले ही कर ली गई है. गोताखोर व मोटर बोट चालक नदी में 24 घंटे क्रियाशील रहेंगे. सारण में करीब डेढ़ दर्जन घाट खतरनाक चिह्नित किए गए हैं. इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हर घाट पर मेडिकल टीम की तैनाती की गई है. इसकी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सिविल सर्जन को दी गयी है. मेडिकल टीम में डॉक्टरों के अलावा पैरा मेडिकल स्टाफ भी मौजूद रहेंगे.

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Published by: Alok kumar

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