सारण: तरैया प्रखंड मुख्यालय जाने वाली मुख्य सड़क पर स्थित खदरा नदी पुल के निर्माण को लगभग दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आज तक पुल के दोनों ओर एप्रोच सड़क पर सुरक्षा के लिए लोहे का गार्डर (क्रैश बैरियर) नहीं लगाया गया है. इससे वाहन चालकों के लिए हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है.
अनियंत्रित ट्रक बाल-बाल बचा
सोमवार को प्रखंड मुख्यालय की ओर से आ रहा एक लोडेड ट्रक पुल पर चढ़ने के दौरान अचानक अनियंत्रित हो गया. चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए किसी तरह वाहन को खदरा नदी में गिरने से बचा लिया. हालांकि इस दौरान ट्रक का आगे का दाहिना चक्का टूटकर निकल गया. इस घटना में बड़ा हादसा टल गया.
30 से 40 फीट गहरी ढलान बनी खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल की ऊंचाई अधिक होने और एप्रोच सड़क को काफी ढलान के साथ बनाए जाने के कारण वाहन अक्सर अनियंत्रित हो जाते हैं. पुल के दोनों ओर एप्रोच सड़क से नीचे करीब 30 से 40 फीट गहरी ढलान है. ऐसे में सुरक्षा घेरा नहीं होने से छोटी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है.
स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में भारी वाहन गुजरते हैं. पुल और एप्रोच सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से विशेष रूप से स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है.
सुरक्षा गार्डर लगाने की मांग
स्थानीय लोगों ने पुल निर्माण कंपनी और जिला प्रशासन से मांग की है कि पुल के दोनों ओर एप्रोच सड़क पर जल्द से जल्द लोहे का सुरक्षा गार्डर (क्रैश बैरियर) लगाया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके.
