Saran News: सारण जिले के 189 सरकारी और 539 प्राइवेट स्कूलों को पर्यावरण और इकोसिस्टम के प्रति लापरवाही बरतना भारी पड़ गया है. समग्र शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) नीरज कुमार ने सभी संबंधित स्कूलों के संचालकों और प्रधानाध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. डीपीओ ने सख्त रुख अपनाते हुए पत्र में पूछा है कि लापरवाही बरतने वाले सरकारी स्कूलों के हेडमास्टरों का वेतन क्यों न रोक दिया जाए और संबंधित प्राइवेट स्कूलों का रजिस्ट्रेशन (संबद्धता) क्यों न रद्द कर दिया जाए. विभाग के इस कड़े आदेश के बाद स्कूल संचालकों और प्रधानाध्यापकों में हड़कंप मच गया है.
इको क्लब फॉर मिशन लाइफ पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया नोटिफिकेशन
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO), प्रखंड लेखापाल-सह-डाटा एंट्री ऑपरेटरों, बीईडीएमसी तथा विद्यालय प्रधानों को पत्र जारी करते हुए बताया कि करीब एक दर्जन बार स्मारित किए जाने के बावजूद 'इको क्लब फॉर मिशन लाइफ' के पोर्टल पर नोटिफिकेशन अपलोड नहीं किया गया. जिले के 189 सरकारी और 539 निजी विद्यालयों द्वारा अब तक जानकारी अपलोड न कराना सरकारी कार्यों में घोर लापरवाही और वरीय अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना को दर्शाता है.
10 अगस्त तक शत-प्रतिशत काम पूरा करने की अंतिम मोहलत
डीपीओ ने सभी बीईओ और प्रखंड स्तरीय कंप्यूटर ऑपरेटरों को अंतिम निर्देश दिया है कि वे सूची में अंकित विद्यालयों के प्रधानों की विशेष बैठक बुलाकर 10 अगस्त तक हर हाल में शत-प्रतिशत नोटिफिकेशन पोर्टल पर अपलोड कराना सुनिश्चित करें.
साथ ही, लापरवाही बरतने वाले सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है कि काम में रुचि न लेने पर क्यों न उनका वेतन स्थगित करते हुए विभागीय कार्रवाई की जाए. वहीं निजी स्कूलों के प्राचार्यों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय पर कार्य पूरा न होने की स्थिति में उनके विद्यालय की संबद्धता रद्द कर दी जाएगी.
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