सारण: स्थानीय प्रखंड में मंगलवार को आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर जन सहयोग शिविर का आयोजन किया गया. शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पारदर्शिता के साथ पहुंचाना और लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करना था.
अंवारी पंचायत के पंचायत सरकार भवन, भावलपुर पंचायत भवन और मढ़ौरा नगर पंचायत के मध्य विद्यालय परिसर में आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे. लोगों ने राजस्व, आपूर्ति, बिजली, बाल विकास सहित अन्य विभागों से जुड़ी शिकायतें और आवेदन अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए.
एसडीओ ने शिविरों का किया निरीक्षण
अनुमंडल पदाधिकारी निधि राज ने सभी शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए और किसी भी फरियादी को अनावश्यक परेशानी नहीं हो.
अंवारी पंचायत में अंचलाधिकारी कृष्ण कुमार सौरभ और भावलपुर पंचायत में प्रखंड विकास पदाधिकारी अभिषेक कुमार प्रभाकर ने शिविर का संचालन किया. वहीं मढ़ौरा नगर पंचायत स्थित मध्य विद्यालय परिसर में मुख्य पार्षद रूबी सिंह, कार्यपालक पदाधिकारी हरिश्चंद्र, स्वच्छता पदाधिकारी रश्मि सहित कई विभागीय अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और जीविका दीदियां मौजूद रहीं.
शिविर में संदिग्ध मरीजों की हुई टीबी स्क्रीनिंग
इस बार आयोजित जन सहयोग शिविरों में स्वास्थ्य सेवा को भी जोड़ा गया. टीबी उन्मूलन अभियान के तहत जीविका दीदियों और विकास मित्रों के सहयोग से शिविर स्थल पर ही संदिग्ध मरीजों की टीबी स्क्रीनिंग की गई.
स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव और समय पर जांच व इलाज के महत्व की जानकारी दी.
सौ से अधिक आवेदन हुए प्राप्त
शिविरों में राजस्व, बिजली, आपूर्ति और बाल विकास विभाग से संबंधित पुराने मामलों के साथ-साथ बड़ी संख्या में नए आवेदन भी प्राप्त हुए. नए आवेदन आने से लंबित मामलों की संख्या सौ के पार पहुंच गई.
अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश मामलों का निष्पादन मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष आवेदनों को संबंधित विभागों को भेजकर जल्द समाधान का निर्देश दिया गया है.
जनप्रतिनिधियों ने किया सहयोग
शिविर को सफल बनाने में अंवारी मुखिया हरेश्वर पासवान, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष मीणा अरुण, भावलपुर मुखिया भोलू सिंह सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने सक्रिय सहयोग किया.
ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गांव स्तर पर अधिकारियों की मौजूदगी से सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने में आसानी हो रही है.
