Rohini acharya on satellite township: सारण लोकसभा की पूर्व प्रत्याशी डॉ. रोहिणी आचार्य ने बिहार में प्रस्तावित सेटेलाइट टाउनशिप परियोजना को लेकर राज्य सरकार पर किसानों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है. राजद के पूर्व प्रवक्ता हरेलाल यादव ने रोहिणी आचार्य के हवाले से कहा कि टाउनशिप के नाम पर किसानों की बहुफसली और उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण गंभीर चिंता का विषय है. इससे किसानों के सामने सामाजिक और आर्थिक संकट उत्पन्न हो सकता है.
कृषि भूमि के अधिग्रहण पर जतायी चिंता
रोहिणी आचार्य ने कहा कि बिहार कृषि प्रधान राज्य है और बड़ी आबादी की आजीविका खेती पर निर्भर है. ऐसे में उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण राज्य की खाद्य सुरक्षा के साथ कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित कर सकता है.
उन्होंने कहा कि किसानों के लिए जमीन केवल संपत्ति नहीं, बल्कि पीढ़ियों की आजीविका और आय का प्रमुख साधन है. खासकर छोटे और सीमांत किसानों के पास आमदनी का दूसरा स्थायी स्रोत नहीं होता. ऐसे में जमीन चले जाने पर उनके सामने रोजगार और परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो सकता है.
सहमति और उचित मुआवजे को प्राथमिकता देने की मांग
आचार्य ने कहा कि सरकार को विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाते समय किसानों की सहमति, उनके हितों और उचित पुनर्वास एवं मुआवजे के प्रावधानों को प्राथमिकता देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी पुश्तैनी जमीन से वंचित कर विकास की कोई भी योजना उनके लिए परेशानी का कारण बन सकती है.
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर पुनर्विचार की अपील
रोहिणी आचार्य ने राज्य सरकार से किसान हितों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित सेटेलाइट टाउनशिप परियोजना की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने की मांग की. उन्होंने कहा कि विकास और किसानों के हितों के बीच संतुलन बनाते हुए ही ऐसी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाना चाहिए.
