Saran News : (मोहम्मद यूसुफ) सारण जिले के परसा प्रखंड में मोहर्रम की 10वीं तारीख पर श्रद्धा, आस्था और गम के माहौल में ताजिया जुलूस निकाला गया. ‘या हुसैन.या हुसैन’ की सदाओं के बीच हजारों अकीदतमंदों ने कर्बला के 72 शहीदों को याद किया. पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे और पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ.
श्रद्धा और अकीदत के साथ निकला ताजिया जुलूस
परसा प्रखंड एवं नगर पंचायत परसा बाजार सहित आसपास के विभिन्न गांवों में मोहर्रम के अवसर पर ताजिया जुलूस और पारंपरिक अखाड़ों का आयोजन किया गया. माड़र टोला इमामबाड़ा, माड़र, बहमाड़र, चांदपुरा, परसौना, श्रीरामपुर, विशुनपुर समेत कई इमामबाड़ों से शबीहे आलम, शबीहे ताबूत और ताजिया के साथ जुलूस निकाले गए.
Moharram 2026: कर्बला के 72 शहीदों को किया गया याद
जुलूस में शामिल अकीदतमंदों ने कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को याद करते हुए मातम किया. “या हुसैन” की सदाओं के बीच लोगों ने इमाम हुसैन के सत्य, इंसाफ और कुर्बानी के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया.
मजलिस और अखाड़ों में दिखी परंपरा की झलक
मोहर्रम के अवसर पर विभिन्न इमामबाड़ों में मजलिस का आयोजन किया गया, जहां कर्बला की घटना और शहादत की अहमियत पर विस्तार से चर्चा हुई. वहीं माड़र दरगाह और परसा थाना परिसर में पारंपरिक अखाड़ों का आयोजन हुआ, जिसमें युवाओं ने अपने पारंपरिक करतब और हुनर का प्रदर्शन किया.
भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का दिया संदेश
ताजिया जुलूस और अखाड़ों में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया. इस दौरान हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मिलकर आपसी भाईचारे, एकता और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया. कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य विनोद राय, मुख्य पार्षद मो. करमुल्लाह, मुखिया प्रतिनिधि मो. आसिफ सहित कई जनप्रतिनिधि और समाजसेवी भी मौजूद रहे.
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण रहा आयोजन
मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए स्थानीय थानाध्यक्ष ओमप्रकाश पुलिस बल के साथ सुबह से ही विभिन्न इमामबाड़ों और जुलूस मार्गों का लगातार निरीक्षण करते रहे. दंडाधिकारियों की निगरानी में पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए, जिसके चलते ताजिया जुलूस और मोहर्रम का पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ.
