दाहा नदी पुल बंद होने से ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन

Saran News: मांझी-गुठनी राजकीय उच्च पथ पर ताजपुर के समीप दाहा नदी पर बने सड़क पुल को प्रशासन द्वारा लोहे का गार्डर लगाकर अचानक बंद कर दिए जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.

Saran News (मांझी की रिपोर्ट ): मांझी-गुठनी राजकीय उच्च पथ पर ताजपुर के समीप दाहा नदी पर बने सड़क पुल को प्रशासन द्वारा लोहे का गार्डर लगाकर अचानक बंद कर दिए जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. रविवार को नाराज ग्रामीणों ने पुल के मुहाने पर प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शन के दौरान लोगों ने जल्द वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी.

अधिकारियों से फोन पर हुई तीखी नोकझोंक

प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने के दौरान मांझी के सीओ सौरभ अभिषेक और बीडीओ उपेंद्र दास से ग्रामीणों की फोन पर तीखी झड़प भी हुई. ग्रामीणों का कहना था कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के पुल की घेराबंदी कर देना प्रशासन की बड़ी लापरवाही है.

आधा दर्जन गांवों का संपर्क प्रभावित

प्रखंड उप प्रमुख मनोज सिंह, पैक्स अध्यक्ष संत सिंह और वरीय अधिवक्ता बीरेश चौबे ने कहा कि पुल बंद होने से प्रखंड के आधा दर्जन से अधिक गांवों का आवागमन प्रभावित हो गया है. उन्होंने इसे “काला पानी की सजा” जैसा बताया. ग्रामीणों ने कहा कि अब लोगों को लंबी दूरी तय कर दूसरे रास्तों से आना-जाना पड़ रहा है.

पुलिस गश्ती बंद, बढ़ी चोरी और तस्करी की घटनाएं

ग्रामीणों का आरोप है कि पुल बंद होने के बाद प्रभावित गांवों में पुलिस की गश्ती भी लगभग बंद हो गई है. इसका फायदा उठाकर चोरी और तस्करी की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई.

मरीजों और गर्भवती महिलाओं को हो रही परेशानी

ग्रामीणों ने बताया कि पुल बंद होने से बीमार लोगों और खासकर प्रसव पीड़िता महिलाओं को काफी परेशानी हो रही है. पहले लोग इलाज के लिए आसानी से मांझी अस्पताल पहुंच जाते थे, लेकिन अब उन्हें सिवान जिले के सिसवन अस्पताल जाना पड़ रहा है.

छह वर्ष पहले घोषित हुआ था परित्यक्त पुल

ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन ने करीब छह वर्ष पहले ही इस पुल को परित्यक्त घोषित कर दिया था. इसके बावजूद अब तक पुल के पुनर्निर्माण या मरम्मत की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. लोगों ने सवाल उठाया कि जब पुल जर्जर था, तो समय रहते नया पुल या वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं बनाई गई.

छोटे वाहनों के परिचालन और डायवर्जन की मांग

आक्रोशित ग्रामीणों ने फिलहाल ताजपुर पुल होकर कार, जीप और अन्य छोटे वाहनों का परिचालन शुरू कराने की मांग की है. साथ ही अस्थायी डायवर्जन बनाकर आवागमन बहाल करने की भी मांग उठाई गई.

उच्चस्तरीय जांच और ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने पुल के क्षतिग्रस्त होने के मामले में उच्चस्तरीय जांच कराने तथा संबंधित ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की है. लोगों ने जल्द पुल के नवीनीकरण और स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाने की अपील की.

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Published by: Karunatiwari

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