बिहार के इस जिले में चमकी बुखार का अलर्ट, आधी रात को बज रहा है अलार्म, लोगों को जागरुक करने की बड़ी तैयारी

Saran News: छपरा जिले में चमकी बुखार (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) और जापानी इंसेफेलाइटिस के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा जागरूकता अभियान शुरू किया है. गांव-गांव रात्रि चौपाल लगाकर लोगों को बीमारी से बचाव के तरीके बताए जा रहे हैं.

छपरा से विकास कुमार की रिपोर्ट
Saran News:
छपरा जिले में चमकी बुखार (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) और जापानी इंसेफेलाइटिस के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा जागरूकता अभियान शुरू किया है. गांव-गांव रात्रि चौपाल लगाकर लोगों को बीमारी से बचाव के तरीके बताए जा रहे हैं. प्रोजेक्टर पर वीडियो दिखाए जा रहे हैं, जबकि हाईटेक जागरूकता रथ घर-घर पहुंचकर लोगों को सतर्क कर रहा है. स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि जिले का कोई भी बच्चा इस खतरनाक बीमारी का शिकार न बने.

चमकी बुखार के खिलाफ रात में सज रही चौपाल, ग्रामीणों में बढ़ी दिलचस्पी

स्वास्थ्य विभाग की पहल पर रिविलगंज प्रखंड समेत विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि चौपाल का आयोजन किया जा रहा है. चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल होकर चमकी बुखार के लक्षण, बचाव और समय पर इलाज की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं. यह अभियान गांवों में चर्चा का विषय बना हुआ है.

प्रोजेक्टर पर दिखाई जा रही बीमारी से बचाव की फिल्म

रात्रि चौपाल के दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से चमकी बुखार से संबंधित जागरूकता वीडियो दिखाए जा रहे हैं. आसान भाषा और दृश्य माध्यम के जरिए लोगों को बीमारी की गंभीरता और उससे बचने के उपाय समझाए जा रहे हैं. इससे ग्रामीणों को जानकारी आसानी से समझ में आ रही है.

मुखिया और स्वास्थ्यकर्मियों ने संभाली जागरूकता की कमान

कचनार गांव में आयोजित कार्यक्रम का नेतृत्व पंचायत के मुखिया सह सीएचओ-पीएसपी सदस्य नागेंद्र कुमार राम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी शिवा मेहता ने किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में जीविका समूह, आशा कार्यकर्ताओं और पीएसपी सदस्यों ने भी अहम भूमिका निभाई. चौपाल में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया.

फोटो पर क्लिक कर रजिस्टर करें

छतों पर चढ़कर भी देखीं जागरूकता फिल्में

ग्रामीणों में जागरूकता की ललक का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई महिलाएं सामाजिक कारणों से चौपाल स्थल पर नहीं पहुंच सकीं, लेकिन उन्होंने अपने घरों की छतों से पूरा कार्यक्रम देखा और बीमारी से बचाव की जानकारी हासिल की.

हर अभिभावक याद रखें ‘चमकी की तीन धमकियां’

कार्यक्रम के दौरान वेक्टर बॉर्न डिजीज सुपरवाइजर घनश्याम यादव ने अभिभावकों को चमकी बुखार से बचाव के तीन महत्वपूर्ण उपाय बताए. उन्होंने कहा कि बच्चों को कभी खाली पेट नहीं सुलाना चाहिए और सोने से पहले कुछ मीठा जरूर खिलाना चाहिए. रात में एक-दो बार बच्चे की स्थिति देखनी चाहिए और सुबह समय पर जगाना चाहिए. यदि तेज बुखार, बेहोशी, शरीर में ऐंठन या अन्य लक्षण दिखाई दें तो तुरंत स्वास्थ्य केंद्र ले जाना चाहिए.

गांव-गांव पहुंच रहा हाईटेक जागरूकता रथ

स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता बढ़ाने के लिए ऑडियो-वीडियो सुविधाओं से लैस विशेष प्रचार रथ भी शुरू किया है. यह हाईटेक वाहन निर्धारित रूट के अनुसार गांवों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर लोगों को चमकी बुखार और जापानी इंसेफेलाइटिस से बचाव का संदेश दे रहा है.

जीपीएस से लैस वाहन दे रहा स्वास्थ्य संदेश

जागरूकता रथ में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया है, जिससे इसकी निगरानी की जा रही है. वाहन के माध्यम से लोगों को बीमारी के लक्षण, समय पर उपचार, बचाव के उपाय और अस्पताल पहुंचने के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है. जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. भूपेंद्र कुमार ने कहा कि चमकी बुखार जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका सामुदायिक जागरूकता है. इसी उद्देश्य से रात्रि चौपाल, प्रचार रथ और स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों के माध्यम से लगातार अभियान चलाया जा रहा है.

लक्ष्य एक ही- जिले का कोई बच्चा न बने चमकी बुखार का शिकार

स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि समय रहते हर परिवार तक सही जानकारी पहुंचे और अभिभावक सतर्क रहें. यदि जागरूकता बढ़ेगी तो बच्चों को इस जानलेवा बीमारी से बचाया जा सकेगा. यही वजह है कि गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने की मुहिम लगातार तेज की जा रही है.

Also Read: सारण में सफाई कर्मियों की हड़ताल खत्म, दो दिनों से इस कारण कर रहे थे आंदोलन, जानिए पूरा मामला

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Sakshi kumari

साक्षी पत्रकारिता और जनसरोकारों से जुड़े विषयों में उनकी विशेष रुचि रही है. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. साक्षी सीवान की रहने वाली हैं. उन्होंने गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है, जहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, जनसंचार और समाचार लेखन की बारीकियों का अध्ययन किया. स्नातक शिक्षा पूरी करने के बाद भी उन्होंने अपनी शैक्षणिक यात्रा जारी रखी और वर्तमान में नौकरी के साथ-साथ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रही हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने दैनिक भास्कर में इंटर्नशिप के दौरान फील्ड रिपोर्टिंग, समाचार संकलन और ग्राउंड रिपोर्टिंग की व्यावहारिक समझ विकसित की. इस दौरान उन्होंने समाचारों के विभिन्न पहलुओं को नजदीक से समझा और पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों को व्यवहारिक रूप से सीखा. इसके बाद उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. जहां करीब तीन वर्षों तक डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहीं. इस दौरान उन्होंने राजनीति, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक विषयों से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण खबरों पर काम किया. News4Nation में कार्यरत रहते हुए उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव की विस्तृत कवरेज की. चुनावी राजनीति, मतदाताओं के व्यवहार, राजनीतिक रणनीतियों और जमीनी मुद्दों को करीब से समझने का अवसर मिला. इस अनुभव ने उन्हें राजनीतिक खबरों को अधिक सटीकता, तथ्यों और विश्लेषण के साथ प्रस्तुत करने की विशेषज्ञता प्रदान की. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति, प्रशासनिक गतिविधियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ है. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization) की भी समझ है, जिसके अनुरूप वह खबरों को इस प्रकार तैयार करती हैं कि वे पाठकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचें और खोज इंजन में बेहतर प्रदर्शन करें. ब्रेकिंग न्यूज की पहचान, उसकी त्वरित कवरेज और कम समय में सटीक समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल है. साक्षी किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की जांच और सत्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देती हैं. वह विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करने के बाद ही खबरों को प्रकाशित करती हैं, जिससे उनकी रिपोर्टिंग में सटीकता और विश्वसनीयता बनी रहती है. न्यूजरूम में डेटा विश्लेषण, ट्रेंड मॉनिटरिंग और पाठकों की रुचि के आधार पर सर्वे एवं रिसर्च-आधारित खबरें तैयार करने में भी उन्हें बखूबी आता है. निरंतर सीखने और बदलते मीडिया परिदृश्य के साथ स्वयं को अपडेट रखने की उनकी प्रतिबद्धता उन्हें एक बेहतर डिजिटल पत्रकार बनने के लिए प्रेरित करती है. तथ्यपरक, निष्पक्ष और भरोसेमंद पत्रकारिता में विश्वास रखने वाली साक्षी पाठकों तक गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >