सारण से मनोज कुमार की रिपोर्ट
Saran News: सारण जिले के तरैया प्रखंड में लंबे इंतजार के बाद नए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) की तैनाती हो गई है. प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी (बीसीओ) ओमप्रकाश झा ने शुक्रवार को बीईओ का प्रभार ग्रहण कर लिया. पदभार संभालते ही उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने को अपनी पहली प्राथमिकता बताया.
सेवानिवृत्ति के बाद खाली था बीईओ का पद
जानकारी के अनुसार तरैया के प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अजय कुमार शर्मा 31 मई 2026 को सेवानिवृत्त हो गए थे. उनके सेवानिवृत्त होने के बाद से बीईओ का पद रिक्त पड़ा हुआ था, जिससे कई प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे थे.
डीईओ के आदेश पर मिला अतिरिक्त प्रभार
जिला शिक्षा पदाधिकारी सारण के आदेश के आलोक में प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी ओमप्रकाश झा को बीईओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया. शुक्रवार को उन्होंने औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण कर शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाल ली.
पदभार संभालते ही शिक्षा सुधार पर दिया जोर
कार्यभार ग्रहण करने के बाद बीईओ ओमप्रकाश झा ने कहा कि प्रखंड की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाना उनका मुख्य लक्ष्य होगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे.
शिक्षकों की समस्याओं के समाधान का भरोसा
नए बीईओ ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाएगा. साथ ही स्कूलों में पठन-पाठन की गुणवत्ता बढ़ाने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे. प्रभार ग्रहण करने के बाद विभिन्न शिक्षक संगठनों और शिक्षकों ने ओमप्रकाश झा का फूल-मालाओं और गुलदस्ता देकर स्वागत किया. इस दौरान शिक्षकों ने उनसे शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने की उम्मीद जताई.
कई शिक्षक नेता और पदाधिकारी रहे मौजूद
स्वागत कार्यक्रम में प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष महेश्वर सिंह, परिवर्तनकारी शिक्षक संघ के अध्यक्ष रंजीत सिंह, समन्वयक संजीव कुमार सिंह, प्रधानाध्यापक मनोज कुमार सिंह, राजीव रंजन, आदित्य प्रसाद यादव, अनिल कुमार यादव, धीरज कुमार, डाटा ऑपरेटर गुड्डू कुमार, दीपक कुमार समेत बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षा विभाग से जुड़े लोग उपस्थित रहे. नए बीईओ की नियुक्ति के बाद तरैया प्रखंड के शिक्षकों और अभिभावकों में उम्मीद जगी है कि अब शिक्षा विभाग के लंबित कार्यों में तेजी आएगी और विद्यालयों की व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा.
