HPV Vaccine in Saran: सर्वाइकल कैंसर से भविष्य में बचाव के लिए बालिकाओं को समय रहते सुरक्षा कवच देने की स्वास्थ्य विभाग की मुहिम अब दूसरे डोज तक पहुंच गयी है . सारण जिले में एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमावायरस वैक्सीन की दूसरी खुराक से वंचित 5,350 बालिकाओं को चिह्नित किया गया है . इन सभी बालिकाओं को 31 अगस्त 2026 तक टीका लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष अभियान चलाया जायेगा . विभाग का उद्देश्य पहली खुराक लेने वाली किसी भी पात्र बालिका को दूसरी खुराक से वंचित नहीं रहने देना है .
31 अगस्त तक पूरा करना है टीकाकरण
राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय ने सभी सिविल सर्जनों को पत्र जारी कर एचपीवी वैक्सीन की दूसरी खुराक से छूटी लाभार्थियों का टीकाकरण निर्धारित समय सीमा के अंदर पूरा कराने का निर्देश दिया है . इसके लिए जिलों को विशेष कार्ययोजना तैयार कर अभियान चलाने को कहा गया है .
सारण में एचपीवी पोर्टल से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर 5,350 बालिकाओं के दूसरी खुराक से वंचित रहने की जानकारी सामने आयी है . अब स्वास्थ्य विभाग इन सभी लाभार्थियों तक पहुंचने की तैयारी में जुट गया है .
दो खुराक से तैयार होगा सुरक्षा कवच
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ सुरेंद्र महतो ने बताया कि मुख्यमंत्री बालिका कैंसर प्रतिरक्षण योजना के तहत 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन की दो खुराक छह महीने के अंतराल पर दी जा रही है .
दूसरी खुराक से वंचित बालिकाओं की सूची के आधार पर संबंधित क्षेत्रों में विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित किये जायेंगे . आशा, एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के माध्यम से लाभार्थियों और उनके अभिभावकों से संपर्क किया जायेगा . स्वास्थ्यकर्मी अभिभावकों को टीके की दूसरी खुराक के महत्व की जानकारी देकर बालिकाओं का टीकाकरण पूरा कराने के लिए प्रेरित करेंगे .
पहली खुराक लेने वाली बालिकाओं पर विशेष नजर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब उन बालिकाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिन्होंने एचपीवी वैक्सीन की पहली खुराक ले ली है, लेकिन निर्धारित समय के बाद भी दूसरी खुराक नहीं ली है .
विभाग इन लाभार्थियों की सूची तैयार कर क्षेत्रवार टीकाकरण सत्र आयोजित करेगा . इससे दूसरी खुराक से छूटी बालिकाओं को चिन्हित कर उन्हें टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी .
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क्या है सर्वाइकल कैंसर
सिविल सर्जन डॉ राजकुमार चौधरी ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला कैंसर है, जो गर्भाशय के निचले हिस्से यानी गर्भाशय ग्रीवा में विकसित होता है . इसका प्रमुख कारण ह्यूमन पैपिलोमावायरस यानी एचपीवी का लंबे समय तक संक्रमण माना जाता है .
एचपीवी एक सामान्य वायरस है और इसके कुछ प्रकार आगे चलकर कैंसर का कारण बन सकते हैं . एचपीवी संक्रमण की रोकथाम सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करने का महत्वपूर्ण तरीका माना जाता है . इसी वजह से कम उम्र में एचपीवी टीकाकरण को बचाव के प्रभावी उपायों में शामिल किया जाता है .
अभिभावकों से की जायेगी अपील
स्वास्थ्य विभाग की टीम दूसरी खुराक से वंचित बालिकाओं के अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें टीकाकरण पूरा कराने के लिए जागरूक करेगी . विभाग का प्रयास है कि निर्धारित अभियान के दौरान जिले की सभी चिह्नित 5,350 बालिकाओं को दूसरी खुराक दी जा सके .
टीकाकरण अभियान में आशा कार्यकर्ता, एएनएम और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अन्य कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी . संबंधित क्षेत्रों में लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें टीकाकरण सत्र तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी स्वास्थ्यकर्मियों को दी जायेगी .
31 अगस्त तक चलेगा विशेष अभियान
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि दूसरी खुराक से छूटी बालिकाओं का टीकाकरण 31 अगस्त 2026 तक पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है . इसके लिए जिले में विशेष अभियान के तहत टीकाकरण सत्र आयोजित किये जायेंगे और लाभार्थियों की लगातार निगरानी की जायेगी .
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