Nagar Nikay Vistar: सारण में नगर निकायों के विस्तार और नए निकायों के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है. नगरपालिका क्षेत्रों की सीमा बढ़ाने, आसपास के ग्रामीण इलाकों को नगर निकाय में शामिल करने, पुराने नगर निकायों के उन्नयन और दो या अधिक निकायों के विलय को लेकर प्रशासनिक स्तर पर प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं. विभाग ने संबंधित अधिकारियों से 15 सितंबर 2026 तक निर्धारित प्रारूप में प्रस्ताव मांगे हैं.
जिला पंचायत राज पदाधिकारी शशि कुमार की ओर से नगर आयुक्त, नगर पंचायतों के कार्यपालक पदाधिकारियों, बीडीओ और अंचल अधिकारियों को प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. संबंधित स्तरों से प्राप्त प्रस्तावों की जिला स्तर पर समीक्षा की जाएगी. इसके बाद इन्हें जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के समक्ष रखा जाएगा.
गांवों को नगर क्षेत्र में शामिल करने की तैयारी
नगर निकायों के विस्तार के तहत नगरपालिका से सटे ग्रामीण क्षेत्रों को शहरी क्षेत्र में शामिल करने का विकल्प रखा गया है. इसके अलावा दो या उससे अधिक नगरपालिका क्षेत्रों के विलय और पुराने नगर निकायों के उन्नयन से जुड़े प्रस्ताव भी लिए जा रहे हैं. इससे सारण के तेजी से विकसित हो रहे ग्रामीण और बाजार क्षेत्रों को शहरी प्रशासन के दायरे में लाने का रास्ता खुल सकता है.
परसा नगर पंचायत के विस्तार का प्रस्ताव मिला
जिले में परसा नगर पंचायत के विस्तार का प्रस्ताव भी प्रशासन को प्राप्त हो चुका है. प्रस्ताव में परसा नगर पंचायत से सटे कुछ गांवों को शामिल करने की बात कही गई है. अन्य प्रखंडों और निकायों से भी प्रस्ताव आने की प्रक्रिया जारी है.
सारण में फिलहाल 10 नगर निकाय
राज्य निर्वाचन आयोग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सारण में छपरा नगर निगम के अलावा एकमा बाजार सहित अन्य नगर निकाय हैं. छपरा नगर निगम में 45 वार्ड दर्ज हैं और 2022 के आंकड़ों के आधार पर इसकी आबादी 2,02,352 दर्ज है.
जिला प्रशासन की वेबसाइट पर छपरा नगर निगम के साथ परसा, एकमा बाजार, दिघवारा और सोनपुर समेत जिले के अन्य शहरी निकायों के अधिकारियों की जानकारी भी उपलब्ध है.
आबादी और कर्मचारियों का देना होगा ब्योरा
नए नगर निकाय के गठन, पुराने निकाय के उन्नयन या सीमा विस्तार से जुड़े प्रस्तावों में आबादी और कर्मचारियों से संबंधित ब्योरा देना जरूरी होगा. प्रस्ताव तैयार होने के बाद जिला स्तर पर उनकी समीक्षा की जाएगी. इसके बाद ही आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया बढ़ेगी.
शहर के आसपास के इलाकों पर पड़ेगा असर
नगर निकायों की सीमा बढ़ने से शहरी प्रशासन का दायरा बढ़ सकता है. नगर क्षेत्र में शामिल होने वाले गांवों में सड़क, नाला, जल निकासी, सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं की व्यवस्था नगर निकाय के माध्यम से किए जाने की संभावना बढ़ेगी. हालांकि, किन गांवों या क्षेत्रों को अंतिम रूप से नगर निकाय में शामिल किया जाएगा, यह प्रस्तावों की समीक्षा और सरकार के अंतिम निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा.
छपरा आयोजना क्षेत्र भी हो चुका है विस्तारित
इससे पहले छपरा आयोजना क्षेत्र का भी विस्तार किया गया है. विस्तारित आयोजना क्षेत्र 101.09 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 445.02 वर्ग किलोमीटर हो गया है और इसमें छपरा नगर निगम, रिविलगंज नगर पंचायत तथा छह प्रखंडों के कुल 227 राजस्व गांव शामिल किए गए हैं. विस्तारित क्षेत्र के लिए अगले 20 वर्षों की महायोजना तैयार की जानी है.
फिलहाल नगर निकायों के विस्तार की प्रक्रिया प्रस्ताव के स्तर पर है. 15 सितंबर तक प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद उनकी समीक्षा और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई शुरू होगी. इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि कौन-कौन से गांव या क्षेत्र नए नगर निकाय में शामिल होंगे.
